6 साल की बच्ची ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिठ्ठी, मुफ्त में हुआ दिल का ऑपरेशन

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7:35 pm 8 Jun, 2016


6 साल की एक बच्ची ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखते हुए, उनसे अपने इलाज की मदद मांगी। पत्र लिखने के 5 दिन बाद ही प्रधानमंत्री ने उसे जवाब भी दिया।

वैशाली ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र में लिखा था ‘मोदी सरकार माला मदद पाहिजे’। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली वैशाली हदप्सर की रहने वाली है और उसके दिल में छेद था, लेकिन उसके परिवार के पास सर्जरी के लिए पैसे नहीं थे।

20 मई को वैशाली ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा। इसमें उसने अपने स्कूल का परिचय पत्र और मोबाइल नंबर भी लिखा था। 27 मई को पीएमओ ने यह पत्र  देख पुणे के कलेक्टर सौरभ राव को इस बच्ची के इलाज को लेकर आदेश दे दिए।  आदेश में लिखा था कि वह पुणे के अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ इस संबंध में बैठक करें।

इसके बाद प्रशासन के अधिकारी वैशाली के घर गए लेकिन उनका कोई एक ठिकाना नहीं है।  फिर वह उसके स्कूल पहंचे। वैशाली के चाचा प्रताप यादव ने बताया:

“चूंकि हमारे रहने का कोई ठिकाना नहीं है, इसलिए हमने उसके स्कूल के आइडेंटिटी कार्ड के साथ पत्र पोस्ट कर दिया। पांच दिन बाद स्कूल से कुछ लोग आए और उन्होंने बताया कि डीएम और सीएमओ ने उन्हें बुलाया है।”

वैशाली की औंध स्थित जिला सरकारी अस्पताल में जांच कराई गई। इसके बाद वैशाली की रूबी हॉल क्लिनिक में मुफ्त सर्जरी हुई। 7 जून को उसे डिस्जार्च भी कर दिया गया।

सिविल सर्जन डॉ संजय देशमुख ने बतायाः

“पत्र में किसी का पता नहीं था, इसलिए हमने स्कूल वालों से संपर्क किया। प्रधानमंत्री की इच्छा के मुताबिक नौ दिनों के भीतर उसकी सर्जरी कर दी गई।”

Vaishali

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दूसरी कक्षा की छात्रा वैशाली के पिता मोनीष यादव मूल रुप से अहमदनगर के रहने वाले हैं। वो हड़पसर इलाके में पेंटिंग का काम करते हैं। वैशाली अपने चाचा प्रताप यादव के साथ रहती है। वह भी एक पेंटर हैं।

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन (बीपीएल) करने वाली श्रेणी में आने वाली वैशाली फुरसुंगी के प्रदन्या शिशु विहार स्कूल में पढ़ती है। उसके पास बीपीएल श्रेणी के कागज नहीं थे, जिस कारण वह बीपीएल के लिए चलाई जा रही सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी नहीं उठा पा रही थी।

उनकी हालत इतनी दयनीय है कि वैशाली की दवा के लिए उन्हें 90 रुपये में उसकी साइकिल बेचनी पड़ी थी। इसके बाद ही उसने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखने का फैसला किया।

वैशाली ने मिरर से बातचीत में कहा:

“कई अस्पतालों ने मेरे इलाज के लिए मना कर दिया था, इसलिए एक दिन काका दुखी बैठे थे। तभी टीवी पर मोदी दिखे। मैंने एक पेन-पेपर लिया और प्रधानमंत्री को अपनी स्थित के बारे में बताने का फैसला लिया, ताकि फ्री में मेरी सर्जरी हो सके। मेरे काका भी इस बात पर राजी हो गए। मैंने अपनी नोटबुक से एक पेज फाड़ा और दिल की बीमारी से लेकर गरीबी तक सारी बातें प्रधानमंत्री को लिख डालीं।”

रूबी हॉल क्लिनिक के अध्यक्ष डॉ. परवेज ने कहा कि मरीज प्रधानमंत्री के रेफरेन्स से आया था और हमने उसका निःशुल्क इलाज किया।

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