PM मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक का विडियो सबके सामने रखने, या न रखने पर लिया अहम फैसला

3:09 pm 5 Oct, 2016


भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी कैम्पों पर सर्जिकल स्ट्राइक का विडियो भारत सरकार कौ सौंप दिया है। साथ ही सेना ने इस विडियो को सार्वजनिक करने को हरी झंडी दे दी है।

हालांकि, इस विडियो को सार्वजनिक करना है या नहीं, इस पर आखिरी फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। बताया गया है कि सर्जिकल स्ट्राइक का यह विडियो ड्रोन कैमरे से शूट किया गया था। इसकी अवधि 90 मिनट की है। इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें भी कैमरों में कैद की गईं थीं।

कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सर्जिकल स्ट्राइक पर पाकिस्तान और कांग्रेस-केजरीवाल के सवाल उठाने के बाद सेना चाहती है कि इस कार्रवाई का वीडियो जारी किया जाए।


इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी कैबिनेट की सुरक्षा समिति के साथ बैठक किया। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने विडियो सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि सर्जिकल स्ट्राइक का विडियो रिलीज होने की स्थिति में पाकिस्तान के साथ तनाव और अधिक बढ़ सकता है।

इससे पहले पाकिस्तानी सेना देशी-विदेशी पत्रकारों को पीओके के दौरे पर ले गई थी। पाकिस्तान की सेना दावा कर रही है कि यहां कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई थी।

गौरतलब है कि सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, कांग्रेस नेता संजय निरुपम व दिग्विजय सिंह सहित कई नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं। इन नेताओं ने केन्द्र सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगा है। इसका जवाब देते हुए केन्द्र ने कहा है कि सेना के इस अभियान पर सवाल उठाने से सेना का मनोबल गिर सकता है।

हालांकि, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने सरकार से विडियो जारी करने का अनुरोध किया है। सेना चाहती है कि सबूत को सार्वजनिक किया जाए, ताकि आरोप लगाने वाले लोगों को जवाब मिले।

बता दें कि पाकिस्तान भी बार-बार कह रहा है कि 28 सितंबर की देर रात पीओके में कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई थी। और अब भारत में अरविन्द केजरीवाल, संजय निरुपम और दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं के बयानों की वजह से उसका हौसला बढ़ा है।

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