पाक मीडिया का कबूलनामा; आतंकियों को पाल रहा है पाकिस्तान

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5:46 pm 10 Jun, 2016


आतंकवाद को पनाह देने को लेकर हमेशा पाकिस्तान इंकार करता रहा है। लेकिन अब खुद पाकिस्तान की मीडिया ने ही पाकिस्तान का नापाक चेहरा बेनकाब कर दिया है।

पाकिस्तान के अंग्रेजी समाचारपत्र ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून‘ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि कैसे पाकिस्तान में तमाम प्रतिबंधों के बावजूद आतंकी गतिविधियों अपने चरम पर है।

जारी की गई इस रिपोर्ट में कई बड़े संगठनों का ज़िक्र किया गया है, जिनमें मसूद अजहर का जैश-ए-मोहम्मद और हाफिज सईद का लश्कर ए तैयबा का नाम भी शामिल है।

Hafiz saeed

हाफिज सईद dawn

छपी रिपोर्ट में केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी आड़े हाथों लिया गया है। मंत्रालय की क्षमता पर सवालिया निशान लगाते हुए, इन संगठनों के विस्तार को सरकार के लिए चुनौती करार दिया है। जबकि गृह मंत्रालय 1997 के आतंकरोधी कानून के अंतर्गत किसी संगठन पर प्रतिबंध लगाने और वह दोबारा संगठित नहीं हो इसकी निगरानी का अधिकार रखता है।

मंत्रालय ने बीते साल दिसंबर में सीनेट में प्रतिबंधित संगठनों की सूची पेश की। इसमें 61 संगठनों के नाम शामिल थे। जिसके बाद से इस सूची में कोई बदलाव नहीं किया गया है और न ही इसे सार्वजनिक किया गया है।


समाचारपत्र के अनुसार, मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद जो की लश्कर का मुखिया है, उसने 2002 में इस संगठन पर प्रतिबंध लगने के बाद मात-उद-दावा के नाम से नया संगठन बना लिया।

इस साल की शुरुआत में पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के पीछे मसूद अजहर के जैश संगठन का हाथ रहा। जिस पर  22 जनवरी 2002 को प्रतिबंध लगाया गया। लेकिन यह संगठन फिर एक नए नाम खुदम-उल-इस्लाम के साथ खड़ा हो गया। इस पर भी 15 नवंबर 2003 को प्रतिबंध लगा दिया गया। लेकिन इसकी गतिविधियां अभी भी जारी है।

वहीं मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भारत के खिलाफ जहर उगल रहे लश्कर ए तैयबा सरगना हाफिज मोहम्मद सईद पर नकेल कसने की बजाय पाकिस्तान ने उसकी सुरक्षा बढ़ा दी है। उसके सुरक्षा गार्डों की संख्या दोगुनी कर दी गई है।

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