बुरहान वानी को ‘शहीद’ बताने के लिए भारी दबाव, बोले पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव

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1:48 pm 17 Jul, 2016


कश्मीर में सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए हिजबुल आतंकवादी बुरहान वानी को ‘शहीद’ बताने के लिए पाकिस्तान पर कथित तौर पर भारी दबाव था। न केवल बुरहान वानी को ‘शहीद’ बताने के लिए दबाव था, बल्कि इस आतंकवादी की याद में 19 जुलाई को काला दिवस मनाने से जुड़े पाकिस्तान के फैसले के पीछे भी दबाव की राजनीति ही काम कर रही थी।

यह बात पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव रियाज हुसैन खोखर ने चीन की राजधानी बीजिंग में कही।

इस रिपोर्ट में खोखर के हवाले से कहा गया है कि शुरू में पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सधी हुई थी, लेकिन यहां की मीडिया और लोगों के दबाव को देखते हुए सरकार को अपना रुख बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

खोखर ने दावा किया कि पाकिस्तान इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नोटिस में लाने के लिए बाध्य है।


इस मामले को भावनात्मक रंग देते हुए खोखर ने कहा कि पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर का हर वाशिन्दा बुरहान वानी को शहीद मानता है।

गौरतलब है कि घाटी में हिजबुल का शीर्ष आतंकवादी बुरहान वानी सुरक्षा बलों के साथ हुए मुठभेड़ में ढेर हो गया था। वह सोशल मीडिया पर खास सक्रिय था और उस पर युवाओं को आंतकवादी बनाने की जिम्मेदारी थी।

बुरहान के ढेर होने के बाद से कश्मीर में लगातार हिंसा जारी है। इसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं।

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