हिन्दू शक्तिपीठ ढाकेश्वरी मंदिर में दो महीने से बंद है अनुष्ठान, बढ़ रहा है आतंक

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1:54 pm 17 Jun, 2016


हिन्दू शक्तिपीठों में एक बांग्लादेश के ढाकेश्वरी मंदिर में पिछले दो महीने से सभी तरह के सामाजिक और धार्मिक अनुष्ठानों को बंद कर दिया गया है। ढाका से प्रकाशित कालेरकंठो की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां पुरोहित नियमित तौर पर पूजा तो करते हैं, लेकिन समाज या धर्म से जुड़े अन्य अनुष्ठानों के आयोजन को बंद कर दिया गया है।

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ढाकेश्वरी मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की थी।

इस्लामिक चरमपंथियों द्वारा हाल दिनों में हिन्दू पुजारियों पर लगातार जानलेवा हमलों की वजह से इस तरह का निर्णय लिया गया है। यहां के पुरोहितों का मानना है कि लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर धार्मिक या सामाजिक क्रियाकलापों को धीरे-धीरे कम कर दिया गया है।

आस्था का केन्द्र है ढाकेश्वरी मंदिर

गौरतलब है कि ढाका शहर का नाम ढाकेश्वरी मन्दिर के नाम पर ही पड़ा है। यह बांग्लादेश का सबसे महत्वपूर्ण मन्दिर है। भारत के विभाजन से पहले तक ढाकेश्वरी देवी मन्दिर सम्पूर्ण भारत के शक्तिपूजक समाज के लिए आस्था का बहुत बड़ा केन्द्र था।

12वीं शताब्दी में सेन राजवंश के बल्लाल सेन ने ढाकेश्वरी देवी मन्दिर का निर्माण करवाया था। ढाकेश्वरी पीठ की गिनती शक्तिपीठ में की जाती है, क्योंकि यहां पर सती के आभूषण गिरे थे।

रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष को मिली हत्या की धमकी

इस बीच, ढाका में रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी ध्रुवेशानंदर महाराज को पत्र लिखकर उनकी हत्या की धमकी दी गई है। कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट द्वारा लिखी गई इस चिट्ठी में कहा गया है: “बांग्लादेश एक इस्लामिक राष्ट्र है। यहां किसी दूसरे धर्म के लोग अपना धर्म प्रचार नहीं कर सकते हैं। अगर धर्म प्रचार नहीं रोका गया तो 20 से 30 तारीख के बीच धारदार हथियार से काट-काट कर उनकी हत्या कर दी जाएगी।”

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कालेरकंठो अखबार में स्वामी ध्रुवेशानंदर महाराज के हवाले से बताया गया हैः

“मिल रही धमकियों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जो लोग मिशन में आते हैं, उनकी तलाशी ली जाती है और जांच की जाती है। यहां आतंक का माहौल है। इससे पहले भी बालियाटी में रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष को हत्या की धमकी मिली थी।”

गौरतलब है कि बांग्लादेश में रामकृष्ण मिशन की 14 शाखाएं हैं और करीब 100 से अधिक आश्रम हैं।

स्वामी ध्रुवेशानंदर महाराज ने बताया कि मिशन के सभी लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। जहां कहीं भी पुलिस के सहयोग की जरूरत है, वहां प्रशासन का सहयोग लेने के लिए कहा गया है।

इस बीच, हिन्दू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद के सदस्य काजल देवनाथ ने डॉयचे वेले से बातचीत करते हुए कहा कि पूरे देश में 24 हजार से अधिक मंदिर हैं। ढाका के कुछ मंदिरों के अलावा अन्य कई मंदिरों को पुलिस की सुरक्षा प्रदान की गई है।

देवनाथ इस बात को स्वीकार करते हैं कि सभी मंदिरों को पुलिस की सुरक्षा प्रदान करना संभव नहीं है। सुरक्षा के लिए समाज को आगे आना होगा।

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