NIT श्रीनगर के छात्रों की मांग, कैंपस में तिरंगा फहराएं प्रधानमंत्री मोदी

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2:17 pm 20 Apr, 2016

NIT श्रीनगर में हुआ विवाद किसी से छुपा नहीं है। गैर-कश्मीरी छात्रों द्वारा NIT श्रीनगर को कहीं और स्थापित करने की मांग को केंद्र सरकार ने नामंजूर कर दिया।

अब बाहरी छात्रों की मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी कैंपस का दौरा करें और साथ में कैंपस के भीतर तिरंगा फहराएं, जिससे सुरक्षा की भावना बहाल हो।

छात्रों ने अपने पत्र में लिखा:


“हम माननीय मानव संसाधन विकास मंत्री या भारत के प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि आप दोनों में से कोई एक NIT  श्रीनगर के छात्रों के साथ आएं और परिसर में पूरी उंचाई पर तिरंगा फहराएं। इससे छात्रों का अवकाश भी खत्म हो सकेगा और उनमें सुरक्षा की भावना भी पैदा हो सकेगी। इससे यह संदेश भी दोहराया जा सकेगा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इससे परिसर तथा बाहर के देशद्रोही तत्वों पर छात्रों को मनोवैज्ञानिक जीत भी मिलेगी।”

इन छात्रों ने स्मृति ईरानी को पत्र लिख कर अपनी 19 मांगें सामने रखी हैं, जिसमें मुख्य मांगे कॉलेज प्रशासन में फेरबदल, कैंपस में CRPF की स्थाई तैनाती, परीक्षा की उत्तर पुस्तिका की बाहरी जांच, छात्र परिषद का गठन से लेकर संस्थान में राष्ट्रीय पर्व मनाना शामिल है। वहीं, इस पत्र में NIT श्रीनगर में हुई घटना के संदिग्धों के खिलाफ जांच कराने की भी मांग की गई है। यह पत्र मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों को दे दिया गया है।

NIT श्रीनगर में हुआ विवाद उस समय शुरू हुआ, जब टी-20 वर्ल्ड कप में वेस्ट इंडीज के हाथों भारत की हार पर कैंपस के कुछ छात्रों ने इसका जश्न मनाया, जिसके बाद छात्रों की आपस में भिड़ंत हुई थी।

मामला जब बड़ा तो पुलिस ने कथित तौर पर गैर-कश्मीरी छात्रों पर लाठीचार्ज किया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें ही जानबूझकर निशान बनाया गया था। जिसके बाद बड़ी संख्या में गैर-कश्मीरी छात्रों ने NIT श्रीनगर कैंपस छोड़ दिया था।

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