झोपड़ी में रहती है राष्ट्रीय स्तर की यह खिलाड़ी, मां-बाप मजदूरी कर चलाते हैं घर

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5:52 pm 5 Apr, 2016


देश उम्मीद रखता है कि उसके खिलाड़ी ढेर सारे मेडल जीत कर लाएंगे, विदेशों में देश का नाम रोशन करेंगे। वो करते भी हैं, लेकिन बदले में खिलाड़ियों को क्या मिलता है!

देश का नाम रोशन करने वाली भारतीय महिला फुटबॉल अंडर-14 की कप्तान सोनी जिन हालातों में अपना गुजारा कर रही है, वह निराश करता है।

जब एक खिलाड़ी अपना खून-पसीना बहाकर देश का प्रतिनिधित्व कर उसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाता है, उसका खास महत्व होता है। लेकिन सत्ताधीशों को ये बात कहां समझ में आती है।

पश्चिम चंपारण जिला के नरकटियागंज के प्रकाश नगर निवासी मजदूर पन्नालाल पासवान की बेटी सोनी हाईस्कूल नरकटियागंज में 9वीं कक्षा की छात्रा है। इस छोटी सी उम्र में देश का नाम रोशन करने वाली सोनी और उसके परिवारवालों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। आस-पास शौचालय की कोई व्यवस्था ही नहीं है।

सोनी के पिताजी तांगा चलाया करते थे, लेकिन जब तांगा चलाने भर से भी घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया तो अब वह अपनी पत्नी के साथ मजदूरी कर रहे है। इस परिवार को एक वक़्त की रोटी भी ठीक से नसीब नहीं होती। ऐसी कठिन परिस्तिथियों में सोनी का इस मुकाम तक पहुंचना, वाकई बेमिसाल है। सोनी के सामने जो भी चुनौती आई उसने उन सब चुनौतियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।

सोनी के इस जूनून की शुरुआत हुई 2010 में जब वह एक मैदान में खड़े होकर खेल रहे दूसरे छात्रों को देखा करती थी।

सोनी बताती है जब वह छात्रों को प्रशिक्षण लेते हुए देखती थी, तो उसके मन में भी खेलने को लेकर लालसा जागती थी, लेकिन वह खेल नहीं सकती थी, क्योंकि जिस घर में एक वक़्त की रोटी मिलना भी मुनासिब न हो, ऐसे में खेल के लिए ड्रेस व जूते कहां से लाती।


सोनी की लालसा, जूनून को उस वक़्त एक उम्मीद मिली, जब वहां खेल रहे छात्रों के कोच ने उसे खेलने को कहा। इसके बाद सोनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। सोनी इस खेल पर अपनी पकड़ मजबूत करती चली गई।

वह जिस मुकाम पर आज जहां पहुंची है, उसका पूरा श्रेय वह अपने कोच सुनील वर्मा को देती है।

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सोनी अपने प्रशिक्षक सुनील वर्मा के साथ biharkatha

सोनी की मेहनत के बदौलत उसे अंडर-14 भारतीय महिला फुटबॉल टीम का कप्तान चुन लिया गया। सोनी ने श्रीलंका में भारतीय महिला फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया।

साथ ही  नेपाल में अंतर्राष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 2015 में बांग्लादेश को शिकस्त दे दी।

सरकार ने सोनी की मदद करने का वादा किया है। इस संबंध में DM लोकेश कुमार सिंह का कहना है कि सोनी को हर ज़रूरी मदद मुहैया कराई जाएगी। उसे सरकारी योजनाओं के लाभ दिए जाने की बात भी कही जा रही है।

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