नेशनल डिफेन्स अकादमी (NDA) के इन 20 रोचक तथ्यों के बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे

10:16 am 4 Apr, 2016


1. NDA विश्व का सबसे पहला सेना प्रशिक्षण केंद्र है, जहां तीनों सेनाओं – वायु सेना, नौसेना, और थल सेना को एक साथ तैयार किया जाता है।

2. NDA की शुरुआत भारतीय सेना अकादमी (जिसे तब सशस्त्र सेना अकादमी कहा जाता था) देहरादून के संयुक्त सेवा संघ (JSW) के तौर पर 1 जनवरी 1949 में हुई। 16 जनवरी 1955 को इसका नाम NDA रख दिया गया। इस परिवर्तन को ऑपरेशन बदली कहा गया।

3. JSW की शुरुआत उसी सेनावास से हुई, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इटली के युद्ध बंदियों के लिए बनाया गया था।

4. NDA के गठन के लिए धन सूडान देश ने 1941 में दिया था। ये धन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सूडान को आजाद कराने में मारे गए भारतीय सैनिकों के सम्मान में आया था। इसी वजह से यहां की मुख्य इमारत को सूडान खंड कहा जाता है।

5. अकादमी के निर्माण के लिए खडकवासला को चुना गया। इसके चुनाव का कारण था कि यह जगह एक ऐसी झील के किनारे थी, जो पहाड़ी इलाके के बीच में थी। यहां से हवाई पट्टी, अरब सागर और पुराने सैन्य स्थान भी बेहद ही नज़दीक थे।

6. हो सकता है कि आपको सैर करते हुए कुछ छात्र भारी भरकम समान उठाए दौड़तें नज़र आ जाएं। आप उस को प्रशिक्षण समझने की गलती न कर बैठिए। ऐसी सजा अक्सर यहां दी जाती है।

7. देश के सबसे पहले व्यक्तिगत ओलिंपिक मैडल विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी NDA के छात्र रह चुके हैं। राठौड़ ने एथेन्स में हुए 2004 के ओलिंपिक खेलों में निशानेबाजी में सिल्वर पदक हासिल किया था।

8. 11 जनवरी 1949 को 190 सैनिक छात्रों का पहला दस्ता बनाया गया और प्रशिक्षण की शुरुआत की गई। 8 दिसम्बर 1950 में 172 तैयार सैनिकों की पासिंग आउट परेड कराई गई।

9. NDA एक प्रयोग के रूप में शुरू हुआ, ताकि यह पता किया जा सके कि अलग-अलग धर्म और विश्वास से जुड़े भारतीय युवक पर्याप्त समय में प्रशिक्षण लेकर एक समूह में काम करने सक्षम हैं या नहीं।

10. भर्ती किए गए कैडेटों को खाकी वर्दी पहनने को दी जाती है। इस प्रथा की शुरुआत एक समानता का वातावरण बनाने के लिए की गई थी।

11. NDA के तीन पूर्व छात्रों को परमवीर चक्र प्रदान किया गया है और अन्य नौ छात्रों को अशोक चक्र से नवाज़ा गया है।


12. NDA से अब तक भारत को 27 चीफ ऑफ स्टाफ मिले हैं। नौसेना, वायुसेना और थल सेना के मौजूदा चीफ ऑफ स्टाफ भी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से ही हैं।

13. तीन साल के बाद सभी भर्ती किये गए कैडेटों को विज्ञान और कला में स्नातक की डिग्री भी दी जाती है।

14. NDA में 27 देशों के 700 से अधिक कैडेट भारतीय कैडेटों के साथ प्रशिक्षण लेते हैं।

15. NDA में कुल 18 टुकड़ी है, जिन्हें 5 पलटन में विभाजित किया गया है।

16. 12 भारतीय राज्यों ने पलटन के रहने की व्यवस्था के लिए लगभग 5 लाख रुपए का योगदान किया था। इनसे निर्मित 12 इमारतों के नाम इन राज्यों के नाम पर रखे गए हैं।

17. NDA में स्थित ‘हट ऑफ़ रेमेमब्रेन्स’ का निर्माण कैडेटों ने जनवरी 1956 से मई 1957 के बीच में किया। यह स्मारक भारत के लिए शहीद होने वाले भूतपूर्व NDA छात्रों की याद में बनाया गया था।

18. सन 1950 में NDA ने अपना मोट्टो (आदर्श-वाक्य) अंग्रेज़ी के ‘Service Before Self’ (‘स्वयं से पहले सेवा’) से बदल कर संस्कृत के “सेवा परम धर्मः” रख लिया।

19. अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय कमांडर राकेश शर्मा भी NDA के पूर्व छात्र थे। वे IAF (भारतीय वायु सेना) कैडेट के तौर पर 1966 में NDA में भर्ती हुए थे।

20. NDA को 271 शहीद सैनिकों को जन्म देने का गौरव हासिल है।

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