इस मुस्लिम युवक को राम नाम से मिलती है मन की शांति, खोला ‘राम नाम बैंक’

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3:52 pm 16 Apr, 2016


‘असहिष्णुता’ और ‘साम्यवाद’ की आए दिन छिड़ती बहस के बीच इलाहाबाद के रहने वाले फैसल खान ने सांप्रदायिक सौहार्द की बेहतरीन मिसाल पेश की है। 30 वर्षीय फैसल खान रोज 108 बार भगवान श्रीराम का नाम लिखते है। उनका कहना है कि ऐसा करने से उनके मन को शांति मिलती है।

फैसल कुरान के साथ ही भगवान राम में भी गहरी आस्था रखते हुए उनकी भक्ति में रम जाते है। उनकी इस आस्था का इल्म इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक ‘राम नाम बैंक’ की स्थापना की है। इस राम नाम बैंक की खासियत यह है कि यहाँ पैसे का लेन-देन नहीं, बल्कि राम नाम का महत्व है।

इस बैंक में कोई भी अपना खाता ‘राम’ का नाम एक महीने में लाल स्याही से कागज़ पर 1. 25 लाख बार लिखने पर खोल सकता है। यहाँ किसी भी धर्म के लोग आकर अपना खाता खुलवा सकते है। इस बैंक में जिनका अकाउंट है उन्हें मुफ्त में पास बुक दी जाती है। इस बैंक को 51 लोगों के खातों के साथ शुरू किया गया था जो अब 75,000 से ऊपर पहुँच गया है। इस बैंक का वित्तीय वर्ष रामनवमी से शुरू होता है।

फैसल भगवान राम को लेकर अपनी आस्था के बारे में बताते है-


“करीब 10 साल पहले राम के बारे में एक आर्टिकल पढ़ा था। उसमें लिखा था कि भगवान श्रीराम का नाम लेने से मन को शांति मिलती है। तभी से मैंने राम का नाम लिखना शुरू कर दिया और इसका असर भी हुआ। अब मैं रोजाना 108 बार राम का नाम लिखता हूं। हिंदी के अलावा उर्दू और अंग्रेजी में भी लाखों बार राम का नाम लिख चुका हूं।”

फैसल उन सब बातों से बेफिक्र है कि समाज और खुद को धार्मिक गुरु बताने वाले ‘महापुरुष’ उनके इस काम के बारे में क्या सोचते है। फैसल का मानना है कि जो कुछ भी वह करते है वह व्यक्तिगत आस्था की बात है और उनका पूरा परिवार उनके इस नेक कार्य में उनके साथ है।

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