ममता बनर्जी के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे 10 हजार मौलवी

3:35 pm October 31, 2016


पश्चिम बंगाल के मौलवियों ने ममता बनर्जी पर वादा-खिलाफी का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।

राज्य भर के करीब 10 हजार से अधिक इमाम और मालानाओं ने कहा है कि वे अगले 8 नवंबर को सड़क पर उतर कर आन्दोलन करेंगे।

इस रिपोर्ट में ऑल बंगाल माइनरिटी युथ फेडरेशन के महासचिव मोहम्मद कमरुज्जमान के हवाले से बताया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इमाम और मुअज्जिनों के लिए क्रमशः 2,500 रुपए व 1,000 रुपए भत्ता देना शुरू किया था। मोहम्मद कमरुज्जमान के मुताबिक यह राशि बेहद कम है और इसमें पिछले पांच साल में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है।

यही नहीं, कमरुज्जमान ने आरोप लगाया कि करीब 6 महीने की अवधि तक इस राशि को रोक दिया गया था और सातवें महीने इसे एक बार फिर शुरू किया गया। हालांकि यह पता नहीं चल सका कि 6 महीने का फंड कहां गया।


ऑल बंगाल माइनरिटी युथ फेडरेशन के नेतृत्व में करीब 40 संगठनों के इमाम और मुअज्जिन ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मध्य कोलकाता के रानी राशमणि रोड पर आंदोलन में उतरेंगे।

आंदोलन से जुड़े कुछ वरिष्ठ सदस्यों का कहना है कि ममता बनर्जी की सरकार ने इमामों के लिए जमीन आबंटित करने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं किया जा सका है।

ऑल बंगाल इमाम एंड मुअज्जिन समिति के अध्यक्ष रफिकुल हसन का कहना है कि निजो जमीं, निजो गृहो हाउसिंग स्कीम के तरत इमामों को जमीन आबंटित किए जाने का वायदा किया गया था, लेकिन इस पर अब तक अमिल नहीं किया गया है। यही नहीं, राज्य के 52,000 इमामों को सही तरीके से भत्ता आबंटित नहीं किया जा रहा है।

नाखुदा मस्जिद के इमाम शफीक कासमी का कहना है कि इमामों के लिए 2,500 रुपए महीने का भत्ता बेहद कम है। इसे बढ़ाकर कम से कम 20,000 रुपए प्रतिमाह किया जाना चाहिए। और मुअज्जिन का भत्ता 1,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रतिमाह कर देना चाहिए।

वहीं, दूसरी तरफ टीपू सुल्तान मस्जिद के इमाम सैय्यद मोहम्मद नुरुर रहमान बरकती का कहना है कि राज्य सरकार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है और यह समझना चाहिए कि राज्य सरकार भत्ता देकर इमामों पर उपकार ही कर रही है।

गौरतलब है कि बरकती को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है।

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