महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की ये 13 उक्तियां आज भी प्रासंगिक हैं

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11:44 am 31 Jul, 2016


हिन्दी के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद के पहले ऐसे साहित्यकार रहे हैं, जिन्होंने भाषा-साहित्य को नया कलेवर प्रदान किया। प्रेमचंद से पहले हिन्दी में साहित्य के नाम पर पौराणिक व काल्पनिक कथाओं का ही चलन था।

प्रेमचंद ने यथार्थवादी लेखन की शुरुआत कर हिन्दी साहित्य में एक नई परम्परा को चलन में लाया। वह पुनर्जागरण के प्रबल समर्थक थे। उनकी ये 13 उक्तियां आज भी प्रासंगिक हैं।

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