न्यायालय में केंद्र सरकार: “उन्होंने कोहिनूर नहीं लुटा, हमने उन्हें उपहारस्वरूप दिया था”

author image
5:48 pm 18 Apr, 2016


कोहिनूर हीरा देश में वापस लाए जाने की अपील करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारत सीधे तौर पर कोहिनूर पर दावा नहीं कर सकता क्योंकि यह लूट कर नहीं ले जाया गया था।

आगे सरकार ने कहा कि 1849 में कोहिनूर ईस्ट इंडिया कंपनी को महाराजा दिलीप सिंह ने सिख युद्ध में हर्जाने के तौर पर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि कोहिनूर को वापस लाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है, जिसके जवाब में केंद्र सरकार ने कहा-

“अगर हम वापस मांगेंगे तो दूसरे मुल्कों की जो चीजें हमारे यहां संग्रहालय में हैं उन पर भी विदेशों से दावा किया जा सकता है।”


सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से कहा कि क्या आप इस केस को खारिज करना चाहते हैं। अगर केस खारिज हुआ तो आगे जाकर भविष्य में भारत को कानूनी दावा करने में मुश्किलात आएगी।

अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से छह हफ्ते में जवाब माँगा है।

वहीं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि कोहनूर हीरा आजादी के पहले का मुद्दा रहा है। इस पर अगर कोई फैसला या कदम उठाया जाएगा तो वो विदेश मंत्रालय लेगा।

Popular on the Web

Discussions