नरेन्द्र मोदी सरकार की इन 16 उपलब्धियों पर नाज कर सकते हैं आप भी

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2:57 pm 26 May, 2016


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने दो साल पूरे कर लिए हैं। 26 मई 2014 को कामकाज संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार विकासोन्मुखी फैसले लिए हैं। इस अल्पकाल में सरकार को जहां देश की आर्थिक और विदेश नीति के मोर्चे पर सफलता मिली है, वहीं आतंरिक सुरक्षा जैसे मसले पर भी मजबूती से ध्यान दिया गया।

विपक्ष और विरोधियों द्वारा लगातार माहौल खराब करने की कोशिशों के बीच मोदी सरकार अपना काम बखूबी करती रही है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, असहिष्णुता और अवार्ड वापसी जैसे अभियान चलाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की गई।

इसके बावजूद भ्रष्टाचारमुक्त विकासोन्मुखी सरकार चलाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह साबित किया है कि चुनावपूर्व वायदों पर वह खरे उतर रहे हैं। हमने यहां मोदी सरकार की तमाम उपलब्धियों में से कुछ उपलब्धियों को रेखांकित करने का प्रयास किया है।

1. दुनियाभर में बढ़ाया भारतीयों का स्वाभिमान

भारत में विपक्ष जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश यात्राओं पर हाय-तौबा मचा रहा था, उस वक्त दुनिया के अलग-अलग मंचों से “भारत माता की जय” का उदघोष हो रहा था।

चाहे न्युयार्क का टाइम्स स्क्वायर हो या लंदन का वेम्बले स्टेडियम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनियाभर के भारतीयों को यह संदेश दिया कि भारत विश्वगुरू की अपनी भूमिका में जल्द दिखेगा।

लगातार विदेश यात्राएं कर नरेन्द्र मोदी ने विदेश नीति के मोर्चे पर भारत की स्थिति मजबूत की, वहीं दुनियाभर में रह रहे भारतीयों का स्वाभिमान भी बढ़ाया।

2. भ्रष्टाचारमुक्त सरकार

यह नरेन्द्र मोदी सरकार की तमाम उपलब्धियों में सबसे महत्वपूर्ण है। वर्ष 2004 से लेकर वर्ष 2014 तक यूपीए के 10 साल के कार्यकाल में जिस बात की सबसे अधिक चर्चा हुई, वह था “भ्रष्टाचार“।

यह एक ऐसा मुद्दा था, जिसके दम पर नरेन्द्र मोदी की सरकार सत्ता में आई थी। पिछले 24 महीने में नरेन्द्र मोदी ने अपने नेतृत्व में एक भ्रष्टाचारमुक्त सरकार दी है। इसका असर विश्वस्तर पर देखने को मिल रहा है।

भ्रष्टाचार का सूचकांक जारी करने वाली संस्था ट्रान्सपेरेन्सी इन्टरनेशनल ने वर्ष 2014 में 168 देशों की सूची में भारत को 85वें स्थान पर रखा था। वहीं, इस संस्था ने वर्ष 2015 में भारत को इस सूची में 76वें स्थान पर रखा है।

3. पारदर्शिता

कांग्रेस पार्टी की पिछली सरकारों से उलट वर्तमान सरकार ने प्रशासन में व्यापक पारदर्शिता बरती है। कोल ब्लॉक्स का ई-ऑक्शन किया गया, वहीं टेलिकॉम स्पेक्ट्रम ऑक्शन को भी पारदर्शी बनाया गया।

कोल ब्लॉक्स और टेलिकॉम क्षेत्र से सरकार को करीब 8 लाख करोड़ रुपए की आमदनी हुई। इतिहास में पहली बार, रेलवे स्क्रैप्स की ई-ऑक्सनिंग हुई, जिससे सरकार ने करीब 3 हजार करोड़ रुपए की कमाई की।

वहीं, करीब 61 हजार करोड़ रुपए अलग-अलग योजनाओं के तहत लोगों को बैंक खातों में ट्रान्सफर किए गए।

4. विदेशी निवेशकों में जगाया विश्वास का माहौल

भारतीय रिजर्व बैंक के एक आंकड़े के मुताबिक, अप्रैल 2014 से लेकर मार्च 2015 तक भारत में 34.9 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष से 61.7 फीसदी अधिक थी।

आपको यह जानकर आश्चर्य नहीं होगा कि ये निवेश अधिकतर उन्हीं देशों से आए हैं, जहां की यात्रा मोदी ने पिछले दिनों की थीं।

विदेशी निवेश को आकर्षित करने में बाधा बनने वाले 1,159 गैरजरूरी कानूनो को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया। विश्व बैंक के समूह अध्यक्ष जिम योंग किम को भी यह कहने के लिए बाध्य होना पड़ा कि दुनिया में मोदी सरीखे और नेता चाहिए

5. स्वच्छ भारत अभियान को मिली व्यापक सफलता

नरेन्द्र मोदी की सरकार ने स्वच्छता जैसे जरूरी मुद्दे पर भारतीयों को एकजुट होकर सोचने के लिए बाध्य किया। इस संबंध में अंतिम बार संभवतः राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने बात की थी। सत्ता में आते ही मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान का नारा दिया।

खुले में शौच पूरी तरह बंद करने के लिए पिछले दो साल में देशभर में 1.7 करोड़ टॉयलेट बनाए गए। नरेन्द्र मोदी की सरकार से आम लोगों को प्रेरणा तो मिली ही है, साथ ही व्यावसायिक समूहों ने भी जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को मानते हुए इस योजना पर खर्च करने का ऐलान किया है।

6. जन धन योजनाः वित्तीय सेवाओं की पहुंच का दायरा बढ़ा

सरकार ने व्यापक स्तर पर वित्तीय सेवाओं की पहुंच का दायरा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरूआत की। इस योजना के तहत 20.38 करोड़ लोगों ने जीरो बैलेन्स बैंक खाते खोले।

इन खातों के जरिए देश में निम्न आय के लोग न केवल अपनी बचत जमा कर सकते हैं, बल्कि उन्हें मुफ्त में इन्श्योरेन्स की सुविधा भी दी गई है।

यह जानकर हैरत होती है कि इन जीरो बैलेन्स खातों में जमा होने वाली राशि 30 हजार करोड़ रुपए पार कर गई है। सितंबर 2015 में जहां जीरो बैलेन्स खातों की संख्या 76.81 फीसदी थी, वहीं दिसम्बर 2015 में यह आंकड़ा 32 फीसदी तक आ गया।

7. बिजली की व्यवस्था में अभूूतपूर्व सुधार

नरेन्द्र मोदी की सरकार ने यह वायदा किया था कि अगले 1 हजार दिनों में 18, 500 गांवों तक बिजली पहुंच जाएगी। दो साल के कार्यकाल में अब तक 7,779 गांवों तक बिजली पहुंच गई है। सरकार की योजना वर्ष 2019 तक देश के सभी गांवों में बिजली पहुंचाने की है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 में उजाला योजना के तहत 9 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे गए। इस योजना के तहत वर्ष 2019 तक 77 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे जाने की योजना पर काम चल रहा है।

देश के पावर ट्रान्समीशन लाईन्स और पावर सब स्टेशन्स में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा योजना के तहत सौर ऊर्जा उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि देश में स्टेडियम सहित कई संस्थान अब सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं।

8 . राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास

वर्ष 2014 में जहां प्रतिदिन 11 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा था, वहीं वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 16.5 किलोमीटर प्रतिदिन का हो गया है।


वर्ष 2017 में प्रतिदिन 41 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2014 में रुके हुए परियोजनाओं की संख्या जहां 384 थी, वहीं वर्ष 2016 में इसकी संख्या 74 रह गई है।

9. जलमार्गों का विकास

केन्द्र सरकार देशभर में करीब 50 हजार किलोमीटर लंबे जलमार्ग विकसित करने पर जोर दे रही है।

माना जा रहा है कि जलमार्ग के विकास से व्यापार में व्यापक बढ़ोत्तरी होगी। सड़क, रेल या हवाई मार्ग की तुलना में जलमार्ग से माल ढुलाई सस्ती होगी।

10. मेक इन इंडिया

आने वाले समय में निर्माण के क्षेत्र में भारत का डंका बजने की महती संभावना दिख रही है। मोबाइल बनाने वाली कंपनियों से लेकर कार निर्माता कंपनियां तक, सभी की नजरें भारत के बड़े बाजार टिकी हुई हैं।

सरकार का कहना है कि मेक इन इंडिया योजना के तहत अब तक करीब 1.10 लाख करोड़ रुपए निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। 15 से अधिक बड़े ब्रान्ड्स ने भारत में अपनी निर्माण इकाई लगाने का वायदा किया है, जिसमें कई ने काम भी शुरू कर दिया है।

जापान ने भारत में निवेश का मार्ग प्रशस्त करने के लिए मेक इन इंडिया नीति के तहत करीब 83 करोड़ रुपए का एक फंड बनाया है। मेक इन इंडिया योजना के तहत रक्षा सामग्रियों के निर्माण में भारत अग्रसर होगा।

11. स्टार्टअप इंडिया

नवउद्यमियों के सपनों को साकार करने के लिए सरकार ने स्टार्टअप इंडिया का नारा दिया है। कंपनियां शुरू करने के लिए तमाम बाध्यताएं खत्म की जा रही हैं और अब सिर्फ एक छोटा फॉर्म भरकर कंपनी शुरू की जा सकती है।

पेटेन्ट आवेदन भरने वालों को 80 फीसदी तक छूट दी जा रही है। स्टार्टअप कंपनियों के लिए पहले तीन सालों तक किसी टैक्स का प्रावधान नहीं रखा गया है।

12. कालाधन

पिछले दो साल के कार्यकाल में नरेन्द्र मोदी की सरकार ने देश में 20 हजार करोड़ रुपए काला धन की बरामदगी की है।

इस संबंध में कड़े कानून बनाए गए हैं। पिछले साल करीब 638 लोगों ने 3, 770 करोड़ रुपए का काला धन का खुलासा किया था।

13. तेज गति से अग्रसर रेलवे

भारतीय रेल बुलेट ट्रेन की गति से अग्रसर दिख रही है। इतिहास में पहली बार मेघालय और मिजोरम तक रेलवे पहुंच गई है। इस रिपोर्टे के मुताबिक, वर्ष 2014-15 में नई रेल लाइन्स पर रेलवे ने 7,139 करोड़ रुपए खर्च किए थे, वहीं वर्ष 2015-16 में यह आंकड़ा 12,830 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

वर्ष 2014-15 में रेल लाइन्स के दोहरीकरण पर 3,880 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, वहीं 2015-16 में यह आंकड़ा 9,007 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

देश में सेमी बुलेट ट्रेन चलाने के लिए स्पेनिश कंपनी टैल्गो को ट्रायल की अनुमति दी गई है। आने वाले समय में दिल्ली-मुंबई रूट पर 160 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनें चल सकती हैं।

14. एयर इंडिया को लाभ

करीब 2 हजार करोड़ रुपए के घाटे में रहने वाली एयर इंडिया अब लाभ में चलने लगी है। पहली बार इस एयरलाइन्स को 6 करोड़ रुपए का लाभ हुआ है।

इसका श्रेय ईन्धन की कम कीमत को दिया जा सकता है, लेकिन ईमानदार मंत्रालय और प्रशासन को अाप नजरअंदाज नहीं कर सकते।

15. बढ़े विदेशी पर्यटक

सरकार द्वारा ई-वीसा नीति अपनाने के बाद देश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। जनवरी से मई 2014 के बीच 9,841 पर्यटक भारत आए थे। वहीं, जनवरी से मई 2015 के बीच 1,10,657 पर्यटक भारत आए।

16. विश्व गुरू बनने की राह पर भारत

नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत एकबार फिर विश्व गुरू बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाया है, वह निश्चित तौर पर अतुलनीय है।

भारतीय योग को संयुक्त राष्ट्र ने मान्यता दी है। दुनिया भर में योग के शिक्षकों नियुक्तियां हो रही हैं। यह तय है कि आने वाला समय भारत का होगा।

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