अमृतसर एयरपोर्ट पर ‘मोबाइल लंगर’ सेवा, जरूरतमंदों को मिल रहा है नि:शुल्क भोजन

2:27 pm 25 Oct, 2016


कहते हैं मानवता का धर्म ही दुनिया का सबसे बड़ा धर्म है, जिसमें निःस्वार्थ भाव से जन सेवा की जाए। इसी कड़ी में अगर बात की जाए सिख समुदाय की, तो वह हमेशा से ही जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आता रहा है।

सिख समुदाय मानवता की सेवा करते हुए गुरुद्वारों में कई सालों से मुफ्त लंगर की व्यवस्था करता रहा है, ताकि कोई जरूरतमंद भूखा न सो सके। साथ ही कई बार आपदा प्रभावित इलाकों में भी सिख समुदाय की तरफ से पैकेज्ड भोजन की व्यवस्था की गई है। ये कदम सामाजिक असामनता का राग अलापने वालों, किसी भी जाति और धर्म से ऊपर हैं।

एकता, मानव धर्म की बात चल ही रही है, तो लंगर को भला कैसे भूल सकते हैं। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर गुरुद्वारे में सालों से लंगर की व्यवस्था है, जहां जाति-धर्म और हैसियत से परे प्रतिदिन लाखों लोगों को भोजन कराया जाता है। वहीं, दुनिया के जिस कोने में भी गुरूद्वारे हैं, वहां निःशुल्क लंगर की व्यवस्था होती है।

इस बार एक गुरुद्वारे ने मानवता की सेवा के लिए जो कदम उठाया है, वह वाकई काबिले-तारीफ है। अमृतसर हवाई अड्डे के पास के एक गुरूद्वारे ने ‘मोबाइल लंगर’ की शुरुआत की है।

हाल ही में मशहूर हास्य कलाकार अतुल खत्री ने अमृतसर हवाई अड्डे के पास एक ऐसे ही मोबाइल लंगर को देखा। पहले तो उन्हें समझ में नहीं आया कि हवाई अड्डे के अति सुरक्षा क्षेत्र में कोई फेरीवाला कैसे घुस गया, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि यह मुफ्त ‘मोबाइल लंगर’ सेवा है, जो नजदीकी गुरुद्वारे की ओर से लगाया गया है।

इस मोबाइल लंगर से जरूरतमंदों, गरीबों, राहगीरों, मजदूरों, वाहन चालकों को निःशुल्क भोजन की सुविधा उपलब्ध की जाती है।

हास्य कलाकार ने देखा कि एक शख्स ठेला रिक्शा में बड़े से बर्तनों में खाना लिए वहां से गुजर रहे ड्राइवर्स और अन्य जरूरतमंदों को खाना परोस रहा है।

यह मोबाइल लंगर शहर के कोने-कोने तक लोगों की सेवा करता है, ताकि शहर में कोई भी भूखा न सोए। यह कदम उन लोगों के लिए खास तौर पर उठाया गया है, जो मजदूरी करते हैं और जिन्हें दिन की दो वक़्त की रोटी भी नसीब नहीं होती। ऐसे लोगों को ही ध्यान में रखकर इस मोबाइल लंगर की शुरुआत की गई है।

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