नगालैन्ड की म्नोबेंज़ी एज़ुंग ने सिर्फ 8 साल की उम्र में जीत लिया ‘राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार’

author image
5:26 pm 18 Dec, 2015

बहादुरी को उम्र परिभाषित नहीं करती। हर साल, भारत उन साहसी और बहादुर बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित करता है, जिन्होंने बेजोड़ साहस दिखाते हुए लोगों की जान बचाई या फिर इससे जुड़े कुछ और कारनामें किए।

 

म्नोबेंज़ी एज़ुंग मात्र 8 साल की हैं।वह नगालैन्ड के वोखा जिले के चूड़ी गांव की हैं। इसी गांव की नदी में डूब रही दादी को बचाने का उन्होंने कारनामा कर दिखाया। म्नोबेंज़ी एज़ुंग उन 24 बच्चों में शामिल है, जिनको इस साल राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित  किया गया है।

म्नोबेंज़ी के लिए यह दिन इस लिए भी खास था, क्योंकि राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पुरस्कार से सम्मानित होने की सूची में वह सबसे कम उम्र की थीं।

बताया गया है कि म्नोबेंज़ी और उसकी दादी रेणतुंगलो जूंगी सर्दियों के दिनों में छुट्टियां मनाने चूड़ी गांव गए हुए थे। एक दिन मछली पकड़ने के लिए वे गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर अनूंगा हाई नदी के किनारे गए। मछली पकड़ने के ही दौरान अचानक दादी को ह्रदयाघात हो गया। दादी की नाजुक स्थिति को देखकर म्नोबेंज़ी मदद की गुहार में वापस गांव की तरफ भागी। बाद में गांव के लोगों ने दादी रेणतुंगलो को अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उन्हें दीमापुर के अस्पताल में भेज दिया गया।

 

मुश्किल व विपरीत परिस्थियों के बावजूद म्नोबेंज़ी न तो डरी और न ही घबराई। वह अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए दादी की जान बचाने में सफल रही। वह बड़ी हो कर इंजीनियर बनना चाहती है ।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी बहादुरी की प्रशंसा की है। उन्होंने ट्वीट कियाः

“म्नोबेंज़ी एज़ुंग ने नदी में डूबती अपनी दादी की जान बचाई, यह एक बहादुरी की मर्मस्पर्शी कहानी है ”

 

म्नोबेंज़ी को योजना के तहत एक पदक, प्रमाणपत्र और नकद दिया गया। वहीं उसकी बहादुरी के लिए स्कूली शिक्षा के पूरा होने तक एक खास वित्तीय सहायता दी जाएगी।

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार योजना, भारतीय बाल कल्याण परिषद द्वारा प्रदान किया जाता है। इनका प्रयास रहता है की इस योजना के तहत बच्चों का कल्याण हो साथ ही और बच्चों के लिए इनके सराहनीय और साहसिक कार्य उदाहरण बन कर उन्हे प्रेरित करें।

इस साल म्नोबेंज़ी सहित तीन अन्य बालिकाएं हैं, जिनको 24 अन्य बच्चों के साथ राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Discussions



TY News