भारत की बेटी ने सेना के लिए ठुकरा दी अमेरिकी कंपनी की नौकरी

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1:28 pm 12 Apr, 2016

आज के दौर में लड़कियां लड़कों से कदम से कदम मिला कर चल रही हैं। चाहे कोई भी क्षेत्र हो, अपने देश की लड़कियों ने बुलंदियों के झंडे गाड़ दिए हैं। ऐसा ही कुछ कर के दिखाया है जोधपुर की मेघना सिंह ने।

जोधपुर की रहने वाली मेघना सिंह ने हाल ही में इंडियन आर्मी लेफ्टिनेंट के पद पर ज्वॉइन किया है। और ऐसा करके वह देश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

चेन्नई के SRM यूनिवर्सिटी से B.tech की डिग्री लेने के दौरान उनका कैम्पस प्लेसमेंट अमेरिकी कंपनी ‘म्यू सिग्मा’ में हुआ। इस नौकरी में उन्हें 25 लाख का पैकेज ऑफर किया गया, लेकिन भारत की इस बेटी का सपना था कि वह आर्मी की वर्दी पहने। इसी जज्बे की वजह से मेघना ने अमेरिकी कंपनी की नौकरी को ठुकरा कर इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट के पद पर ज्वॉइन कर लिया।

मेघना ने जोधपुर के एमपीएस स्कूल से शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद माउंट आबू के सोफिया स्कूल से दसवीं और पिलानी के एक स्कूल से 12वीं अच्छे नंबरों से पास की। फिर उन्होंने बीटेक के लिए चेन्नई के एसआरएम यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। बीटेक की पढ़ाई के दौरान उनका कैम्पस प्लेसमेंट हो गया और उन्हें 25 लाख का पैकेज ऑफर दिया गया। हालांकि, सेना में जाने की इच्छा होने की वजह से उन्होंने इस नौकरी को ज्वॉइन नहीं किया।

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मेघना के पिता dainikbhaskar

सपने को पूरा करने की जिद ने क्वॉलिफाई कराया आर्मी, नेवी और एयरफोर्स।




यह मेघना का जुनून और लगन ही है जिस कारण उन्होंने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स तीनों का एंट्रेंस एग्जाम दिया और तीनों में ही क्वॉलिफाई किया। लेकिन उनका शुरू से ही सपना था कि वह भारतीय थल सेना का हिस्सा बनें, इसलिए वह थल सेना से जुड़ गई।

अपने भाई के साथ मेघना dainikbhaskar

अपने भाई के साथ मेघना dainikbhaskar

परिवार ने किया प्रोत्साहित तो हौसले को मिली उड़ान।

मेघना अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं। उनके परिवार में उनके माता-पिता और छोटे भाई-बहन है। मेघना के पिता राम सिंह कालवी कृषि उपज मंडी समिति के सेक्रेटरी हैं, जबकि मां विभा सिंह घर संभालती हैं।

भारत की ऐसी शक्ति के हौसले को मेरा सलाम। देश के लिए कुछ कर दिखाने के जुनून के बारे आपकी क्या राय है ?



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