भगवान राम 21 दिनों की पैदल यात्रा कर लंका से पहुंचे थे अयोध्या, गूगल मैप ने भी दिखाया

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12:12 pm 19 Oct, 2016


सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। इस वायरल  मैसेज में बताया जा रहा है कि दीपावली का पर्व दशहरे के ठीक 21 दिनों बाद ही क्यों मनाया जाता है?

फेसबुक पर इसका जवाब देते हुए कहा गया है कि दिवाली का त्यौहार दशहरा के 21 दिनों बाद मनाने के पीछे का महत्व है कि रावण को मारने के बाद भगवान राम श्रीलंका से पैदल ही अयोध्या लौटे थे, इस दूरी को तय करने में उन्हें 21 दिनों का वक्त लगा था।

बकायदा इस मैसेज के साथ गूगल मैप की एक तस्वीर भी वायरल हो रही है। जिसमें दिखाया जा रहा है कि लंका से अयोध्या की दूरी 2586 किलोमीटर है, अगर पैदल  ही इस दूरी को तय किया जाए तो इसमें 514 घंटे यानि 21 दिनों का वक्त लगेगा।

वहीं हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, जिस दिन रावण का अंत हुआ था, उस दिन दशहरा मनाया जाता है। रामायण में वर्णित है कि रावण का वध करने के बाद लंका से अयोध्या जाते समय राम, लक्ष्मण, सीता एवं हनुमान, पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे थे, जो वायुवेग से चलता था।

अयोध्या पहुंचने पर राम, सीता और लक्ष्मण का भव्य स्वागत दीपों और आतिशबाजी के साथ किया गया था। तब से इसी दिन को दीपावली के रूप में मनाया जाता है।


अगर भगवान राम ने पैदल ही श्रीलंका से अयोध्या की यात्रा की थी तो इस मुताबिक, हर दिन करीबन 123 किलोमीटर की पैदल यात्रा, जिसमें एक घंटे में 5 किलोमीटर की दूरी तय करना, वो भी बिना विश्राम किए, तभी ये यात्रा संभव है।

कई लोग इस पोस्ट में लिखी गई बात से सहमत हैं तो कई इसपर सवाल खड़े कर रहे है कि भगवान राम पैदल नहीं बल्कि पुष्पक विमान से अयोध्या वापास आये थे।

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