इस मंदिर में देवी को चढ़ाई जाती है चप्पलों की माला, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

5:50 pm 7 Nov, 2016


मंदिरों में जब भगवान को चढ़ावा चढ़ाया जाता है, तो उसमें मुख्य रूप से फूल-माला, प्रसाद, तेल, दूध घी जैसी चीजें चढाई जाती हैं। लेकिन इस देश में एक ऐसा भी मंदिर है, जहां के पूजन का तरीका बिल्कुल अलग है।

कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के आलंदा तहसील में लकम्मा देवी के मंदिर में देवी को खुश करने के लिए चप्पलों की माला चढ़ाई जाती है। साथ ही मंदिर के बाहर लगे नीम के पेड़ पर मन्नत की चप्पल बांधी जाती है।

दरअसल, दीपावली के बाद आने वाली पंचमी के मौके पर इस मंदिर में एक विशेष मेले का आयोजन होता है, जहां देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दिन भक्त देवी से मन्नत मांगते हुए, मंदिर में लगे नीम के पेड़ पर चप्पल की माला बांधते हैं।

इसके पीछे भक्तों की मान्यता है कि नीम के पेड़ में बंधे मन्नत के चप्पल को, देवी मां खुद पहनकर अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं। मन्नत पूरी हो जाने पर भक्त, इस मंदिर में आकर देवी मां को चप्पलों की माला चढाते हैं।

साथ ही लोगों की यह भी मान्यता है कि लक्कमा देवी चढाई गई इन मन्नत की चप्पलों को पहनकर रात के वक्त गांव का भ्रमण करती हैं और गांव की रक्षा करती हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां के ग्रामीणों का मानना है कि पहले इस मंदिर में  देवी मां को प्रसन्न करने के लिए जानवरों की बलि चढाई जाती थी, लेकिन जानवरों की बलि देने पर प्रतिबन्ध लगने के बाद, बलि के बदले चप्पल चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत हुई।

इसे लेकर ग्रामीण कहते हैं कि बलि न चढ़ने के कारण देवी क्रोधित हो गईं थी, जिसके बाद एक ऋषि ने तपस्या कर उन्हें शांत किया और तब बलि के बदले चप्पल चढ़ाने की प्रथा शुरू हुई।

देश में कई और ऐसे  मंदिर है जो अपने पूजन के तरीके को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसा ही एक मंदिर है राजस्थान के नागौर में, जहां माता के मंदिर में प्रसाद के रूप में शराब चढ़ाई जाती है।

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