क्रिकेट कप्तान मिताली राज के लीडरशिप का हर कोई मानता है लोहा, जानिए और कुछ खास बातें

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11:59 pm 11 Mar, 2016


भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बुलंदियों तक ले जाने का श्रेय जाता है मिताली राज को। कप्तान मिताली राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की महत्वपूर्ण स्तम्भ हैं। मिताली की बल्लेबाजी घातक तो है ही, साथ-साथ उनकी लीडरशिप स्किल्स का हर कोई लोहा मानता है। आइए जानते है जांबाज क्रिकेटर मिताली राज से जुडी कुछ ख़ास बातें।

3 दिसंबर, 1982 को राजस्थान के जोधपुर में जन्मीं दाएं हाथ की बल्लेबाज मिताली राज टेस्ट क्रिकेट मैच में दोहरा शतक जड़ने वाली प्रथम महिला हैं। उन्होंने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरु किया था।

मिताली राज 17 साल की उम्र में भारतीय टीम का हिस्सा बनीं। उन्होंने अपना पहला एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच 1999 में आयरलैंड के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने नाबाद 114 रनों की शानदार पारी खेली थी।

मिताली ने 14 अगस्त, 2002 में महज़ 19 साल में टेस्ट क्रिकेट में कैरन रॉलटन का 209 रनों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए, इंग्लैंड के खिलाफ 214 रन बना कर कीर्तिमान रचा था।

मिताली राज को वर्ष 2003 में खेल में उनकी उपलब्धियों के लिए भारत सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार से नवाज़ा गया। वहीं 2015 में उन्हें भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।

मिताली राज को क्रिकेट के अलावा शास्त्रीय नृत्य में खासा रुचि है। उन्होंने शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम में बकायदा ट्रेनिंग ली हुई है।

भारतीय महिला क्रिकेट की सचिन तेन्दुलकर कहे जाने वाली मिताली राज एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 5000 रन के आंकड़े को छूने वाली दुनिया की दूसरी खिलाड़ी हैं।

2013 में महिला वर्ल्ड कप में मिताली राज को एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में नंबर 1 क्रिकेटर का तमगा मिला।

मिताली राज ने साल 2010, 2011 और 2012 में ICC की एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय रैकिंग में पहला स्थान हासिल किया।

मिताली राज की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने अगस्त 2006 में अपनी पहली टेस्ट और श्रृंखला में जीत हासिल की।

2006 में ही मिताली के नेतृत्व में भारतीय टीम ने एशिया कप का ख़िताब भी अपने नाम किया।

मिताली राज ने अब तक 164 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय खेलों में 5 शतक, 40 अर्धशतक लगाते हुए, 49.54 औसत के साथ 5301 रन बनाए है। वहीं उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय करियर में 8 विकेट भी झटके है।

मैदान में फील्डिंग करते हुए उनकी स्फूर्ति का भी कोई जवाब नहीं। अब तक उन्होंने अपने करियर में 63 कैच पकड़े हैं।

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