60 लाख कोरियाई अयोध्या को मानते हैं मामा का गांव, जानिए क्यों

1:15 pm 6 Mar, 2016

प्रति वर्ष सैकड़ों की संख्या में दक्षिण कोरियाई नागरिक अयोध्या आते हैं। जी हां, दक्षिण कोरिया के करीब 60 लाख से अधिक नागरिक अयोध्या को मामा का गांव मानते हैं।

दरअसल, ये कोरियाई नागरिक अपनी रानी हुर-ह्वांग-ओक को श्रद्धान्जलि देने भगवान राम की जन्मस्थली कही जाने वाली अयोध्या नगरी पहुंचते हैं।

पिछले सोमवार को एक दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर उन्हें हुर-ह्वांग-ओक के प्रस्तावित स्मारक का ब्यौरा दिया। ओक को राजकुमारी सुरीरत्ना के रूप में भी जाना जाता है।

ऐतिहासिक साक्ष्यों के मुताबिक, इस सदी के शुरु में राजकुमारी सुरीरत्ना ने अयोध्या से कोरिया की यात्रा की थी और वहां उनका विवाह करक वंश के राजा किम सुरो के साथ हुआ। बाद में उनको हुर-ह्वांग-ओक के रूप में जाना जाने लगा।

यही वजह है कि रानी को श्रद्धान्जलि देने बड़ी संख्या में दक्षिण कोरियाई यहां प्रतिवर्ष आते हैं। वे अयोध्या को अपने मामा का गांव मानते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, करक वंश के करीब 60 लाख से अधिक सदस्य इस समय दक्षिण कोरिया में रह रहे हैं।


पिछले साल मई महीने में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण कोरिया की यात्रा की थी, तब उन्होंने कोरिया और अयोध्या के बीच इस संबंध का हवाला दिया था। यहां दोनों देशों के बीच अयोध्या में रानी हुर-ह्वांग-ओक का एक विशाल स्मारक बनाए जाने पर सहमति बनी थी।

बताया गया है कि यह स्मारक कोरियाई वास्तुकला के हिसाब से बनाई जाएगी।

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