लंदन आई की तर्ज पर बनेगा ‘कोलकाता आई’, NGT ने दी हरी झंडी

5:18 pm 1 Nov, 2016


लंदन आई की तर्ज पर प्रस्तावित ‘कोलकाता आई’ पर बहुत जल्द काम शुरू होगा। वर्ष 2011 से प्रस्तावित राज्य सरकार की इस महात्वाकांक्षी परियोजना पर लगातार आ रही अड़चनों की वजह से काम नही शुरू किया जा सका था।

अब नेशनल ग्रीन ट्राइब्युनल (एनजीटी) ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। एक सुनवाई के दौरान ट्राइब्युनल के ईस्टर्न जोन बेन्च ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव को पास कर दिया है।

कोलकाता शहर की काया पलट के उद्येश्य से शुरू किए जा रहे इस परियोजना में लंदन शहर में टेम्स नदी के किनारे बने लंदन आई की तर्ज पर फेरी के एक विशाल पहिए का प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसे ‘कोलकाता आई’ का नाम दिया जाएगा।

तृणमूल नेता ममता बनर्जी बार-बार कहती रहीं है कि उनका सपना कोलकाता को लंदन शहर के रूप में विकसित करने की है, ताकि इस शहर की छवि एक बार फिर जीवित हो सके। इस दिशा में उन्होंने वर्ष 2011 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही काम शुरू कर दिया था।

वर्ष 2014 तक कैलकेटा मेट्रोपोलिटन डेवलपमेन्ट ऑथरिटी (सीएमडीए) तथा कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में काम भी शुरू कर दिया गया। लेकिन पर्यावरण एक्टिविस्ट सुभाष दत्ता की याचिका की वजह से एनजीटी ने इस पर वर्ष 2014 में रोक लगा दी थी।

अपनी याचिका में दत्ता ने कहा था कि हुगली नदी के किनारे ढहने के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। लंदन आई की वजह से हुगली नदी का बहाव प्रभावित हो सकता है। दत्ता की याचिका में इस बात पर जोर दिया गया था कि भारी भड़कम होने की वजह से विशाल पहिए का यह प्रारूप सुरक्षित नहीं होगा।

एनजीटी ने इस मामले में सभी पक्षों का जवाब मांगा था। बाद में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट द्वारा 9 एकड़ जमीन और आबंटित किए जाने के बाद इसे हरी झंडी दे दी गई। इस परियोजना के तहत हुगली नदी के तट पर लंदन आई की तर्ज पर बने फेरी के एक विशाल पहिए के अलावा पार्क और रेस्त्रां बनाए जाएंगे।

wayfarersworld

wayfarersworld

कोलकाता आई के निर्माण की जिम्मेदारी लंदन की कंपनी सन कन्सलटिंग एन्ड इन्वेस्टमेन्ट को दी गई है। इस विशाल पहिए को फिलहाल बेल्जियम, इंग्लैंड और चीन में बनाया जा रहा है। इसकी असेम्बलिंग कोलकाता में की जाएगी। 120 मीटर ऊंचे कोलकाता आई में 60 क्यूबिकल्स होंगे। प्रत्येक क्यूबिकल में 8 सीटें होंगी। अगले साल जनवरी में शुरू होने वाले इस परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। यह करीब 18 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा।

ब्रिटिश शासनकाल में कोलकाता भारत की राजधानी रहा था। इस शहर को वर्ष 1911 तक राजधानी का दर्जा प्राप्त था और आज भी शहर में अंग्रेजी स्थापत्य की झलक मौजूद है।

असल में कोलकाता शहर की बनावट बहुत कुछ लंदन जैसी है। लेकिन समय बीतने के साथ और अर्थव्यवस्था की लचर स्थिति की वजह से इस शहर ने अपनी पुरानी साख खो दी है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकार में आते ही मंशा जाहिर की थी कि वह कोलकाता शहर को दुनिया के श्रेष्ठ शहरों में एक बनाना चाहती हैं।

उम्मीद की जा रही है कि कोलकाता आई वर्ष 2018 तक बनकर तैयार जाएगा। इस परियोजना की वजह से चार सौ लोगों को सीधा तौर पर रोजगार मिलेगा, वहीं करीब 2 हजार लोग परोक्ष रूप से रोजगार का अवसर हासिल कर सकेंगे।

बनने के बाद कोलकाता आई दूर से कुछ ऐसा दिखेगा।

इस परियोजना का 90 फीसदी हिस्सा ग्रीन जोन होगा और इसे इको-फ्रेन्डली प्रोजेक्ट कहा जा सकता है।

Discussions