स्मोक-फ्री शहर बन गया है कोहिमा, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर पूरी तरह पांबंदी

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10:53 am 30 Apr, 2016


नगालैन्ड की राजधानी कोहिमा देश का पहला धूम्रपान-मुक्त शहर बन गया है। कल यानि 29 अप्रैल को इस खूबसूरत शहर को प्रशासन ने धूम्रपान-मुक्त घोषित कर दिया।

यहा के 22 शिक्षण संस्थान और स्कूली छात्रों की मदद से धूम्रपान के खिलाफ एक अभियान छेड़ा गया था, जिसे बेहतर प्रतिसाद मिला। यही नहीं, इस अभियान में डिस्ट्रिक्ट टोबैको कन्ट्रोल सेल (DTCC) तथा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

शहर के उपायुक्त रोविलसू मोर ने कोहिमा को स्मोक-फ्री सिटी घोषित करते हुए कहा कि वह कुछ ऐसे दिशा-निर्देश जारी करने जा रहे हैं, जिससे यह शहर जल्दी ही पूरी तरह तम्बाकू मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर को पूरी तरह तम्बाकू मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे इसका बेहतर परिणाम मिल सके।

वर्ष 2014 में कोहिमा के गरिफेमा गांव को पूरी तरह तम्बाकू मुक्त घोषित किया गया था। अब से यह शहर धूम्रपान-मुक्त बन गया है।

नगालैन्ड के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. होटोखु चिशी के मुताबिक, धूम्रपान करने के मामले में नगालैन्ड का स्थान देश में दूसरा है। यहां करीब 28 फीसदी स्कूली छात्र तम्बाकू चबाते हैं, जबकि 14 फीसदी धूम्रपान करते हैं। वहीं, 41 फीसदी बच्चे ऐसे हैं, जो अपने माता-पिता या परिजनों के लिए तम्बाकू उत्पाद खरीदने दुकान तक जाते हैं।

चिशी के मुताबिकः

“एक तम्बाकू उत्पाद में 4 हजार से अधिक केमिकल होते हैं, जो शरीर के किसी भी हिस्से को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस वजह से देशभर में सालाना 10 लाख से अधिक लोग काल के गाल में समा जाते हैं।”


उन्होंने अभिभावकों से अपील की वे इस बात को सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे तम्बाकू के दुष्प्रभावों से दूर रहें।

सिर्फ कोहिमा ही नहीं, देश में अन्य शहर भी हैं, जो तम्बाकू के उपयोग पर रोक लगाने की कोशिश में लगे हैं। वर्ष 2007 में चंडीगढ़ शहर को स्मोक-फ्री सिटी का दर्जा दिया गया था।

उस दौरान इस अभियान की शुरूआत बर्निंग ब्रेन सोसायटी नामक एक NGO ने किया था। यही वजह है कि पंजाब और हरियाणा की सरकारें सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर पाबंदी लगाने को बाध्य हुईं।

इसके बाद केरल में कोट्टयम और हिमाचल प्रदेश में शिमला ने प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। सिक्किम को पहले से ही स्मोक-फ्री स्टेट का दर्जा हासिल है।

वर्ष 2014 में हिमाचल प्रदेश भी दूसरा धूम्रपान मुक्त राज्य बन गया।

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