मुसलमान की हुई हत्या तो दो दिन तक बंद रही शिव मंदिर में पूजा

author image
10:27 am 7 Feb, 2016

जहां एक तरफ कुछ लोग धर्म के नाम पर देश को बांटने की बात करते हैं, वहीं ऐसी बातों को दरकिनार करते हुए हाल ही में केरल में हुई मुस्लिम युवक की हत्या के बाद एक मंदिर में दो दिन तक पूजा नहीं की गई।

23 वर्षीय एमवी शब्बीर को इसी सप्ताह चार लोगों ने सरेआम पीट-पीटकर मार डाला था। इस हत्या का वीडियो भी वायरल हुआ था। शब्बीर, तिरुवनंतपुरम जिले में पुतेनाड में स्थित इस शिव मंदिर की कार्यकारी समिति में शामिल था। इस समिति से जुड़े शब्बीर, मंदिर में होने वाले त्योहारों और कार्यक्रमों को आयोजित किया करते थे।

कार्यकारी समिति के संयोजक गौरी चंद्र कहते हैंः

“शब्बीेर एक ऐसा मुस्लिम था, जो हमारी गतिविधियों को पसंद करता था और पूरी निष्ठा से उनमें भाग लेता था। हम उसे हमेशा हममें से एक मानते थे। दो साल पहले हमने उसे कमिटी में शामिल किया था।”

पुलिस के मुताबिक शब्बीर को चार लोगों ने पीटा और इसी वजह से उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि शब्बीर और हत्या के आरोपियों के बीच पिछले साल झगड़ा हुआ था। शब्बीर एक हाथी को कुछ लोगों द्वारा परेशान करने के मामले का गवाह था। इस बर्ताव पर शब्बीर ने आपत्ति जताई थी। इस बात को लेकर शब्बीर और चार युवकों के बीच कई बार झगड़े भी हुए थे।


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शिव मंदिर के पुजारियों ने शब्बीर की मौत पर अपनी सवेंदना व्यक्त करते हेतु दो दिन मंदिर में पूजा न करने का निर्णय लिया और साथ में मंदिर का घंटा नहीं बजाने का फैसला किया। हालांकि, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुबह के समय दर्शन के लिए मंदिर खुला रहा। कार्यकारी समिति के सदस्य एन उन्नी बताते हैंः

“यह दोस्ती धर्म से बढ़कर थी। हमने कभी शब्बीर को मुस्लिम नहीं समझा। हमारी कमिटी में वह सबसे सक्रिय सदस्य था। इस बार मैं केवल एक दिन मंदिर में आनंदम के लिए घरों में चंदा इकट्ठा करने गया। जबकि शब्बीर पूरे सप्ताह चावल और नारियल इकट्ठा कर रहा था।”

 annadanam

मंदिर नहीं करेगा आनंदम ravvalakondakshetram

शब्बीर की मौत के बाद मंदिर ने आनंदम को रद्द करने का फैसला किया। इसके साथ ही 9 फरवरी से आरम्भ होने वाले 10 दिवसीय पारंपरिक जुलूस को भी रद्द कर दिया गया है।

आखिरकार क्या हो गया है समाज को? एक इंसान की जान पर बन आती है तो दूसरा उसकी तस्वीर या वीडियो बनाता है। उसे बचाने की नहीं सोचता। शब्बीर को मारा जा रहा था तो वहीं दूसरी ओर कोई उस पूरी घटना की वीडियो बना रहा था। इंसान इंसानियत के लिए जाना जाता है, पर जो शब्बीर के साथ हुआ वो इंसानियत के मुँह पर कड़ा तमाचा है। ‘डिजिटल युग’ के समुंदर में इतना भी न डुबिये कि किसी की जान पर बन आए।

Discussions



TY News