6 साल का हाशिम मंसूर बना एशियाई कराटे चैम्पियन, देश को दिलाया गोल्ड मेडल

जब कश्मीर हिंसा की आग में जल रहा था, उस वक्त 6 साल का हाशिम मंसूर बांदीपुरा के एक गांव में कराटे की प्रैक्टिस कर रहा था। विपरीत परिस्थियों में कर्फ्यू के दौरान की गई उसकी तैयारी अब रंग लाई है। हासिम मंसूर ने मंगलवार को आईकेयू एशियाई कराटे चैंपियनशिप के अंडर-7 वर्ग का गोल्ड मेडल जीता है। यह स्पर्धा तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित की गई थी।

इससे पहले कश्मीर की ही तजमुल ने वर्ल्ड किक बॉक्सिंग में अंडर-8 वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रौशन किया था।

हासिम मंसूर के कोच फैजल अली कहते हैं कि वह आमतौर पर बांदीपुरा स्थिति अलीज अकादमी में प्रशिक्षण देते हैं, लेकिन जब उत्तर कश्मीर के इस इलाके में जब अशांति फैली, तो हाशिम तथा अन्य बच्चों को ट्रेनिंग कराना असंभव हो गया। इसके बाद वह हाशिम को कुलहामा नाम के ऐसे इलाके में ले गए, जहां किसी को भी ट्रेनिंग के बारे में कानो-कान खबर नहीं थी।

दरअसल, फैजल को इस बात का डर था कि अगर हिंसा फैलाने वाले तत्वों को इस बात का पता चला कि हाशिम को दिल्ली में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के लिए तैयारियां कराई जा रही हैं और वह भारत के लिए खेलेगा तो उसके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं।

यही वजह थी कि हाशिम की तैयारियों के बारे में किसी को भनक नहीं लगने दी गई।

हासिम बांदीपुरा के सिंबॉयोसि स्कूल में कक्षा दो का छात्र है। फैजल कहते हैं कि हाशिम को उन्होंने पहली बार वूलर अकादमी में देखा था और फिर उसे अपने पास ले आए।

हाशिम ने ट्रायल के दौरान 12 खिलाडिय़ों को हराकर एशियाई चैंपियनशिप के लिए अपना नाम पक्का कर लिया था।

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