51 शक्तिपीठों में एक है कांगड़ा का ज्वालाजी मंदिर; इसे खोजा था पांडवों ने

author image
10:02 pm 2 Mar, 2016

हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में मौजूद ज्वालाजी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यताओं के मुताबिक, इस मंदिर को सबसे पहले खोजा था पांडवों ने।


भागवत पुराण के मुताबिक, जब भगवान शिव सती के मृत शरीर को लेकर बदहवाश इधर-उधर भाग रहे थे, तभी भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के मृत शरीर के कई टुकड़े कर दिए। इसका आशय यह था कि भगवान शिव को सती के मृत शरीर के भार से मुक्ति मिल जाए। सती के अंगों के 51 टुकड़े जगह-जगह गिरे और बाद में ये स्थान शक्तिपीठ बने।

ज्वालाजी में सती की जीभ कट कर गिरने की कथा है।

इस मंदिर में माता के दर्शन ज्योति रूप में होते हैंं। मंदिर के अंदर माता की नौ ज्योतियां है जिन्हें, महाकाली, अन्नपूर्णा, चंडी, हिंगलाज, विंध्यावासनी, महालक्ष्मी, सरस्वती, अम्बिका, अंजीदेवी के नाम से जाना जाता है।

इस मंदिर में पांच बार आरती की जाती है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

मौजूदा समय में जो मंदिर यहां विद्यमान है, उसका निर्माण करवाया था राजा भूमि चंद ने। बाद में महाराजा रणजीत सिंह और राजा संसारचंद ने 1835 में इस मंदिर का पूर्ण निर्माण करवाया।

Discussions



TY News