कल्पना चावला की जिन्दगी से जुड़े कुछ अनछुए पहलू; कल्पनाओं से ऊंची थी कल्पना की उड़ान

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4:55 pm 1 Feb, 2016


भारत की बेटी कल्पना चावला, एक ऐसा नाम जिसने भारत के कौशल और ज्ञान के परचम को विदेशी धरती पर लहराया।उनकी हुनर की उड़ान ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। भले ही 1 फरवरी 2003 को कोलंबिया स्पेस शटल के दुर्घटनाग्रस्त होने के साथ कल्पना की उड़ान थम गई, लेकिन आज भी कल्पना की वो उड़ान लोगों के ज़ेहन में ज़िंदा है। आइए जानते है उनसे जुडी कुछ बातें।

कल्पना चावला की शुरूआती शिक्षा करनाल के टैगोर पब्लिक स्कूल में हुई।

1982 में कल्पना ने एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री चंडीगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज से प्राप्त की। जिसके बाद एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की डिग्री 1984 में टेक्सास यूनिवर्सिटी से हासिल की।

कल्पना ने 1988 में NASA के लिए काम करना शुरू किया। कल्पना भारत के अग्रणी पायलट और उद्योगपति जेआरडी टाटा से प्रेरित और प्रभावित थीं।

मार्च 1995 में कल्पना, NASA के अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुई।

उन्होंने अंतरिक्ष में अपनी पहली उड़ान 19 नवंबर 1997 को भरी थी। उन्होंने अंतरिक्ष शटल कोलंबिया की उड़ान एसटीएस-87 से प्रारंभ की। स्पेस की अपनी पहली यात्रा के दौरान उन्होंने स्पेस में 372 घंटे बिताए और साथ ही पृथ्वी की 252 परिक्रमाएं पूरी की।

अपने इस सफल मिशन के बाद कल्पना ने 2000 में एसटीएस 107  से उड़ान भरी, लेकिन यह उड़ान उनकी ज़िन्दगी की अंतिम उड़ान बन गई।

1 फरवरी 2003 को पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते समय उनका यान असंतुलित होकर टूट गया। इस घटना में कल्पना समेत उनके  अन्य 6 साथियों की मौत हो गई।

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