सही मायने में नव-उदय है जवाहर नवोदय विद्यालय

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4:39 pm 11 Sep, 2015

अगर आप सरकारी स्कूलों में पढ़ें हैं तो जवाहर नवोदय विद्यालय का नाम जरूर सुना होगा। आखिर क्यों न हो? गांव के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में जवाहर नवोदय विद्यालय को लेकर एक अलग तरह का क्रेज जो होता है। इतना तो आप जानते ही होंगे कि जवाहर नवोदय विद्यालय की परिकल्पना खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले प्रतिभावान बच्चों के लिए की गई है, ताकि उन्हें आवासीय स्कूल सिस्टम के तहत उचित शिक्षा मुहैया कराई जा सके। लेकिन हम यहां इस आवासीय विद्यालय के बारे में जो कुछ बताने जा रहे हैं, वह शायद आप नहीं जानते होंगे।

1. जवाहर नवोदय विद्यालय का संचालन नवोदय विद्यालय समिति के तत्वावधान में किया जाता है।

यह स्वायत्त संस्था भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करती है।

2. इस स्कूल में छठवीं कक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है।

3. पूरे देश भर में जवाहर नवोदय विद्यालय की 596 शाखाएं मौजूद हैं।

4. एक मात्र तमिल नाडु ऐसा राज्य है, जहां नवोदय विद्यालय की एक भी शाखा नहीं हैं।

5. CBSE प्रत्येक वर्ष जवाहर नवोदय विद्यालय सेलेक्शन टेस्ट नामक प्रवेश परीक्षा का आयोजन करती है।

इसके माध्यम से ही इस विद्यालय में दाखिला मिलता है।

6. जवाहर नवोदय विद्यालय की सभी शाखाओं में खेल और शारीरिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

खेल संबंधी क्रिया-कलापों के लिए प्रतिदिन 2 घंटे अनिवार्य हैं।

7. छठवीं क्लास में प्रतिवर्ष अधिकतम 80 विद्यार्थियों को दाखिला मिल सकता है।

8. नवोदय विद्यालय में 75 फीसदी सीट ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वालों छात्रों के लिए आरक्षित होती है। और 25 फीसदी शहरी इलाकों में पढने वाले छात्रों के लिए।

जबकि एक-तिहाई सीट छात्राओं के लिए आरक्षित होती हैं।

9. गरीबी रेखा से ऊपर और सामान्य श्रेणी से आने वाले छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक 200 रुपए प्रतिमाह विद्यालय विकास निधि में जमा देना होता है।

10. वर्ष 1985 में प्रथम जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना महाराष्ट्र के अमरावती जिले में की गई थी।

11. इस आवासीय विद्यालय में चार हॉस्टल्स होते हैं। जिनके नाम भारत की महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखलाओं अरावली, नीलगिरी, शिवालिक और उदयगिरी पर रखे गए हैं।

12. जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों के भाषाई ज्ञान पर अधिक तवज्जो दी जाती है।


यहां इस बात की पूरी कोशिश की जाती है कि छात्र कम से कम तीन भाषाओं में पूरी तरह निपुण हों।

13. जवाहर नवोदय विद्यालयों में इन्टरनल स्टूडेन्ट एक्सचेन्ज प्रोग्राम आयोजित किए जाने की परम्परा है।

इसके तहत प्रति वर्ष चुनिन्दा 30 फीसदी छात्र हिन्दी भाषी क्षेत्र और गैर हिन्दी भाषी क्षेत्रों में आदान-प्रदान किए जाते हैं।

14. जवाहर नवोदय विद्यालय में साहित्य, कला, थियेटर और विज्ञान के क्षेत्र की बड़ी हस्तियां नियमित रूप से छात्रों से रूबरू होते रहते हैं और उन्हें अपने क्षेत्रों की बारीकियों से परिचय कराते हैं।

15. जवाहर नवोदय विद्यालयों में सैमसंग स्मार्ट लैब की शुरूआत की गई है।

इससे यहां के छात्रों को पूरी दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का मौका मिला है।

16. विद्यालय की वेबसाइट पर इसके कर्मचारियों के लिए खास तौर पर एक वैवाहिक सेक्शन रखा गया है।

इस तरह नवोदय विद्यालय एक परिवार बन गया है।

17. जवाहर नवोदय विद्यालय में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों की संख्या राष्ट्रीय प्रतिमान से अधिक है।

18. यह देश का एकमात्र ऐसा शिक्षण संस्थान है, जहां छात्रों को शिक्षा, आवास, भोजन, ड्रेस, किताबें इत्यादि मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है।

19. जवाहर नवोदय विद्यालय के पूर्व छात्रों के लिए एक खास वेबसाईट बनाई गई है, ताकि वे एक-दूसरे से जुड़े रह सकें।

20. जवाहर नवोदय विद्यालय का प्रार्थना गीत ‘हमीं नवोदय हैं…’ है।

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