पाबंदी के बावजूद जापान में 333 से अधिक मिंक व्हेल्स का शिकार, रिसर्च का बहाना

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8:00 pm 27 Mar, 2016


जापान में वैज्ञानिक रिसर्च के लिए 333 मिंक व्हेल्स की हत्या किए जाने की खबर है। जापान में व्हेल मछलियों का शिकार कोई नई बात नहीं है। इस देश में लंबे समय से व्यावसायिक कारणों से बड़े पैमाने पर व्हेल्स का शिकार किया जाता रहा है।

लेकिन यह पहली बार है कि जब जापान के इन्स्टीट्यूट ऑफ कैटासियन ने अाधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि वैज्ञानिक रिसर्च के लिए 333 मिंक व्हेल्स का शिकार किया गया।

इन व्हेल मछलियों में 200 से अधिक गर्भवती थीं। जापान का यह कदम अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

जापान के मत्स्य विभाग ने कहा है कि अन्टार्कटिक महासागर में 103 नर और 230 मादा मिंक व्हेल मछलियों का शिकार वैज्ञानिक खोज के लिए किया गया। गौरतलब है कि समुद्र के इस इलाके में व्हेल्स के शिकार पर पाबंदी है।

जापान में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए व्हेल मछलियों के शिकार पर वर्ष 1986 में ही पाबंदी लगा दी गई थी, लेकिन वैज्ञानिक खोज के लिए इसे जारी रखा गया था।

आरोप लगाए जा रहे हैं कि वैज्ञानिक खोज के नाम पर व्हेल मछलियों का शिकार किया जा रहा है, लेकिन इसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।


संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में काम करने वाले इन्टरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने वर्ष 2014 में जापान में व्हेल के शिकार पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी थी।

लेकिन बड़ी संख्या में व्हेल का शिकार करने वाले जापान ने इस बात से इन्कार किया है कि इसने किसी अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है।

इस बीच, मिंक व्हेल्स के बड़े पैमाने पर शिकार की खबर से पर्यावरणवादियों में चिन्ता की लहर दौड़ गई है।

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