सर्जिकल स्ट्राइक पर पाकिस्तान बेनकाब, चश्मदीद बोले- आतंकियों के शव ट्रकों से ले गई थी पाक सेना

जहां पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को पाकिस्तान नकार रहा है, वहीं उसी इलाके के लोगों ने अपनी पहचान को सामने न लाने की शर्त पर इस सर्जिकल स्ट्राइक पर मुहर लगाई है। पाकिस्तान ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के दावे से इनकार करते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, बल्कि गोलीबारी की थी।

अंग्रेजी समाचार पत्र ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी घटना के बारे में LoC पार पाकिस्तान में रह रहे 5 चश्मदीदों ने ऐसी बातों का खुलासा किया है, जो अभी तक भारत या पाकिस्तान की ओर से सार्वजानिक नहीं की गई है।

अंग्रेजी समाचार पत्र से अपनी सुरक्षा की अपील की शर्त पर चश्मदीदों ने बताया कि LoC से सबसे नजदीक भारत की पोस्ट गुलाब (कुपवाड़ा) से 4 किमी दूर पाक का एक छोटा-सा इलाका दुधनियाल जाने के दौरान उन्होंने अल हावी पुल के पार एक इमारत देखी, जहां से भारत आने वाले आंतकियों को असलहा दिया जाता है।

सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर अधिकतर जानकारी 2 चश्मदीदों से प्राप्त हुई।

एक चश्मदीद ने बताया कि स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने तेज धमाके की आवाज सुनी थी। गोलीबारी की आवाजें देर रात तक अल हावी पुल के पार से आ रही थी।

चश्मदीद ने आगे कहा कि लोग धमाकों और गोलीबारी की आवाज़ें सुन डर के मारे अपने घरों से बाहर नहीं निकले। जिस कारण वह प्रत्यक्ष रूप से भारतीय जवानों के इस ऑपरेशन को नहीं देख सके।

हमले के अगले ही दिन लश्कर के लोगों ने इलाके के लोगों को एकत्र कर उन्हें इस बात की जानकारी दी कि उनपर हमला किया गया।  चश्मदीद ने मारे गए आतंकियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के अगले ही दिन 5 से 6 शवों को ट्रक में भरकर कहीं ले जाया गया। बाद में आतंकियों की लाशों को ट्रक से किसी अनजान जगह ले जाकर दफनाया गया।

वहीं एक और चश्मदीद जो लश्कर से जुड़ी एक मस्जिद में मौजूद था, ने कहा कि एक मुल्ला ने सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए अपने लोगों की बात उसे बताई थी।

गौरतलब है कि 28 सितंबर की रात को भारत के पैरा कमांडोज ने LoC  के पार जाकर कई आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था, जिसमें कई आतंकी मारे गए थे।

आपको बता दे कि LoC के पार पाकिस्तान के क्षेत्र में भारतीय मीडिया को कवरेज की अनुमति नहीं है। वहां केवल पाक मीडिया ही कवरेज कर सकता है। ऐसे में सर्जिकल स्ट्राइक की और विस्तृत जानकारी के लिए अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने LoC के पार रह रहे लोगों के साथ संपर्क साधा था। इनसे  एन्क्रिप्टेड चैट सिस्टम के जरिए सवाल पूछे गए थे।

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