भारत की श्रेणी बदलने जा रहा है विश्व बैंक

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8:14 pm 31 May, 2016


कई दशकों से भारत विकासशील देशों की श्रेणी में रहा है लेकिन अब विश्व बैंक इस श्रेणी में बदलाव करने जा रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, जारी हुए वार्षिक विश्व विकास सूचकों में विश्व बैंक ने विकासशील और विकसित श्रेणी, देश की श्रेणी को खत्म कर दिया है।

अब से पहले किसी भी देश को उसके आर्थिक हालात और उनके जीवन स्तर के आधार पर ‘विकसित’ और ‘विकासशील’ देश की श्रेणियों में बांटा जाता था। मध्यम और कम आय वाले देश विकासशील और ज्यादा आय वाले देश विकसित देश की श्रेणी में आते थे।

लेकिन भारत, जो सालों से विकासशील देशों की श्रेणी में रहा है, अब ‘लोअर मिडल इनकम यानि कि निम्न-मध्यम आय देश’ के तहत आएगा।

विश्व बैंक के द्वारा देशों को उनकी अर्थव्यवस्थाओं के आधार पर बांटे गए इस नए तरीके के अंतर्गत मेक्सिको, चीन और ब्राजील अब ‘उच्च मध्यम आय’ श्रेणी में हैं और भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश ‘ निम्न-मध्यम आय’ श्रेणी में हैं। वहीं मलावी देश सबसे नीचे ‘निम्न आय’ देश है।

विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, भारत श्रम शक्ति की भागीदारी दर, बिजली उत्पादन और स्वच्छता सुविधाओं के मामले में अभी भी पिछड़ा हुआ है।


हालांकि, भारत ने शिशु मृत्यु दर और प्रसव कालीन मृत्यु दर के मामले में सुधार किया है। वहीं, इन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में व्यवसाय शुरू करना वैश्विक औसत 20 दिन से 9 दिन ज्यादा है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि विश्व बैंक का यह फैसला संयुक्त राष्ट्र को भी प्रभावित कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय संस्था संयुक्त राष्ट्र की विकासशील देशों की कोई अपनी औपचारिक परिभाषा नहीं है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र भारत समेत 159 देशों को विकासशील देश मानता है।

संभावना यही है कि संयुक्त राष्ट्र ‘विकासशील / विकसित देशों के पहले से तय किए गए अपने पैमानों को ही माने। जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूरोप, उत्तरी अमेरिका के सभी भागों को संयुक्त राष्ट्र विकसित देश मानता है।

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