NSG की सदस्यता के लिए भारत ने किया आवेदन; कूटनीतिक जोर लगाएंगे PM मोदी

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6:09 pm 3 Jun, 2016

भारत ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप यानि NSG की सदस्यता हासिल करने के लिए औपचारिक आवेदन जमा कर दिया है। यह आवेदन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 4 जून से शुरू हो रही अमेरिका यात्रा से पहले किया गया है।

गौरतलब है कि न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (NSG) में भारत को शामिल करने को लेकर चीन और पाकिस्‍तान विरोध कर चुके हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की ओर से यह आवेदन 12 मई को किया गया, जो पाकिस्तान के अपना पक्ष रखने से ठी‌क एक हफ्ते पहले की तारीख है। भारत की असली परीक्षा 9-10 जून को होगी, जब इस पर विएना में होने वाली बैठक में फैसला लिया जाएगा।

NSG

इकोनॉमिक टाइम्स वरिष्ठ डिप्लोमैट्स के हवाले से बताया है कि पीएम मोदी ने खुद NSG के 48 सदस्य देशों के बीच भारत का दावा मजबूत करने के लिए कई देशों के प्रमुखों से टेलिफोन कर बातचीत की।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसी क्रम में अफगानिस्तान और कतर की यात्रा को आगे बढ़ाते हुए स्विटजरलैंड और मेक्सिको भी जाने का निर्णय लिया है। इन दोनों देशों ने भी भारत की सदस्यता पर कड़ा रुख अपनाया है।


PM Modi

NSG और इसके विभिन्न मंचों पर करीब सात सालों तक NSG की सदस्यता के लिए चली बातचीत के बाद यह आवेदन जमा होने के साथ भारत को चीन से कड़ा मुकाबला करना पड़ेगा। चीन NSG का सदस्य है और वह पाकिस्तान के‌ पक्ष में बात करते हुए पाकिस्तान को NSG की सदस्यता दिलाने के प्रयास में है।

NSG

आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया पिछले साल अप्रैल के आखिरी हफ्ते में शुरू हुई थी, जिसमें भारत ने अंतर्राष्ट्रीय एटॉमिक एनर्जी एजेंसी को ‘NSG के नियमों का पालन’ नामक दस्तावेज भेजे थे। इस दस्तावेज में खासतौर पर अंकित किया गया है कि भारत के सभी नियमों को NSG की गाइडलाइन के अनुसार कर दिया गया है। इसके बाद 12 मई को आवेदन जमा किया गया।

जानिए NSG के बारे में

NSG की स्थापना 1975 में हुई। वर्तमान में इसकी सदस्यता 49 देशों को हासिल है। आपको बता दें कि परमाणु हथियार बनाने में उपयोग की जाने वाली सामग्री की आपूर्ति से लेकर नियंत्रण तक इसी के अंतर्गत आता है।

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