जानिए आखिर क्यों मनाया जाता है प्यार का दिन ‘वेलेंटाइन्स डे’

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5:30 pm 14 Feb, 2016

हर साल 14 फरवरी को दुनिया भर में सेंट वेलेंटाइन के नाम पर वेलेंटाइन्स डे मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने प्यार करने वालों को भेंट-स्वरूप कैंडी, फूल आदि देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह रहस्यमय संत कौन थे और प्यार के रूप में मनाया जाने वाला दिन वेलेंटाइन्स डे किन परंपराओं से आया? तो चलिए इतिहास के पन्ने उठा कर देखते हैं कि इस प्रचलन की शुरुआत कहां से हुई।

 कौन हैं ये सेंट वेलेंटाइन

वेलेंटाइन्स डे और सेंट वेलेंटाइन की कहानी।  इतिहास के पन्नो में एक प्रेम रहस्य की तरह डूबा हुआ है ।

जैसा की हम जानते हैं कि फरवरी एक लंबे रोमांस महीने के रूप में मनाया जाता है और साथ ही ये भी पता है कि वेलेंटाइन्स डे ईसाई और प्राचीन रोमन परंपरा का मिश्रित रूप है, लेकिन सवाल यह उठता है कि संत वेलेंटाइन कौन थे और कैसे वह इस प्राचीन परंपरा के साथ कैसे जुड़ गए?

“वेलेंटाइन्स डे के दिन लगभग 150 मिलियन कार्ड आदान-प्रदान किए जाते हैं। वेलेंटाइन्स डे क्रिसमस के बाद दूसरा सबसे लोकप्रिय कार्ड भेजने वाला दिन है।”

कैथोलिक चर्च वेलेंटाइन्स नामित तीन अलग-अलग संतों का ज़िक्र करता है, जिन्होंने सत्य और धर्म के नाम पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। एक पौराणिक कथा के अनुसार रोम में तीसरी शताब्दी के दौरान वेलेंटाइन एक पुजारी थे, जिन्होंने धर्म के लिए निःस्वार्थ सेवा की। उस समय सम्राट क्लॉडिअस द्वितीय ने एक अजीब फ़ैसला लिया। क्लॉडिअस का मानना था कि शादी करने वाले परिवार, सेना के लिए काबिल नही हो सकते और इस वजह से उन्होंने विवाह को गैर-क़ानूनी घोषित कर दिया।


वेलेंटाइन से यह अन्याय देखा नहीं गया, इसलिए उन्होने गुप्त रूप से युवा प्रेमियों की शादी करवाना शुरू कर दिया। जब वेलेंटाइंन के क्रिया-कलापों का खुलासा हुआ, तो क्लॉडिअस ने उन्हें मौत के घाट उतरवा दिया। बाद में प्रेमियों को आपस में मिलवाने वाले इस महान संत की याद में हर साल वेलेंटाइन्स डे मनाया जाने लगा।

वेलेंटाइन्स ग्रीटिंग कार्ड की शुरुआत

दूसरी कहानी के अनुसार वेलेंटाइन उन ईसाई कैदियों की मदद कर रहे थे, जो  रोमन के कठोर जेलों में प्रताड़ित हो रहे थे। इस कार्य के लिए उन्हें मौत के घाट भी उतार दिया गया था। एक पौराणिक कथा के अनुसार वेलेंटाइन को जेलर की बेटी से प्यार हो गया था। मान्यता के अनुसार संभवतः तभी वेलेंटाइन ने पहला ‘वेलेंटाइन ग्रीटिंग कार्ड’ उस लड़की को दिया था। जिसे पाकर लड़की ने वेलेंटाइन का प्यार स्वीकार कर लिया था।

कहा जाता है की मरने से पहले वेलेंटाइन रोज़ाना उस लड़की को एक पत्र लिखा करते थे, जिसके अंत में यह लिखा रहता था – ‘फ्रॉम योर वेलेंटाइन’ जो आज भी प्रचलन में है। हालांकि वेलेंटाइन्स के पीछे कई कहानियां हैं। और सारी कहानियां कहीं न कहीं, वेलेंटाइन के रोमांटिक व्यतित्व को दर्शाती हैं। कालांतर में यह दिन प्रेम के इजहार का दिन बन गया।

तो आपको अब किसका इंतज़ार है? बस अपने मन की धड़कनो को सुनिए, संत वेलेंटाइन को याद कीजिए और कर ही दीजिए अपने प्यार का इज़हार।

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