IPL मैच से अधिक जरूरी है पानी, हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को लगाई फटकार

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5:13 pm 6 Apr, 2016


बॉम्बे हाइकोर्ट ने आज IPL मैच के आयोजन पर महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि क्रिकेट मैच से अधिक जरूरी पानी है। हाईकोर्ट ने कहा कि मैच वहां कराए जाने चाहिए, जहां पानी अधिक है।

लोकसत्ता मूवमेंट की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति वी एम कनाडे और एम एस कर्णिक की खंडपीठ ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पानी की बर्बादी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए।

अदालत ने पूछा कि जब बीसीसीआई को पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी, तभी आपके समझ में आएगा। यही नहीं, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कल यह बताने को कहा कि इस मसले पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं इसकी जानकारी दी जाए।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र सूखे की चपेट में है और इसके बावजूद IPL मैच के आयोजन कराए जा रहे हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पूछाः

“आप (क्रिकेट संघ और बीसीसीआई ) इस तरह से पानी कैसे बर्बाद कर सकते हो? आपके लिए लोग ज्यादा अहम हैं या आईपीएल मैच? आप इतने लापरवाह कैसे हो सकते हो? इस तरह से पानी कौन बर्बाद करता है? यह आपराधिक है। आपको पता है कि महाराष्ट्र के क्या हालात है?”


इस संबंध में महाराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम, विदर्भ क्रिकेट संघ, महाराष्ट्र सरकार और मुंबई तथा नागपुर नगर निगम से जवाब मांगा गया है।

इस जनहित याचिका में कहा गया था कि तीनों स्टेडियमों में पिचों के रख रखाव पर करीब 60 लाख लीटर पानी खर्च होगा।

इस संबंध में जब कोर्ट ने क्रिकेट प्रशासकों का पक्ष जानना चाहा तो एमसीए के वकील ने कहा कि वे आईपीएल के सात मैचों के लिये 40 लाख लीटर पानी का प्रयोग करेंगे। इस पर अदालत ने कहा कि यह काफी ज्यादा है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि मामले की सुनवाई होने तक अदालत को महाराष्ट्र में सभी क्रिकेट संघों पर पिचों के रख रखाव के लिए पानी का इस्तेमाल करने पर अंतरिम रोक लगा देनी चाहिए।

अदालत ने कहा कि कल सुनवाई के दौरान इस पर विचार किया जाएगा।

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