ये हैं हिन्दुस्तान के 8 भुतहा रेलवे स्टेशन जहां जाने से अब भी डरते हैं लोग

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3:44 pm 10 Dec, 2015

आम तौर पर रेलवे स्टेशन को भीड़-भाड़ वाली जगह माना जाता है। लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कभी आपको किसी भुतहा रेलवे स्टेशन पर अकेला छोड़ दिया जाए, तो कैसा दृश्य होगा? यह आपके लिए शायद मुश्किल घड़ी हो। चलिए आज आपको उन भारतीय रेलवे स्टेशन की जानकारी देते हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे भुतहा हैं और लोग वहां जाने से अब भी डरते हैं।

1. बरोग स्टेशन, शिमला

शिमला में बरोग रेलवे स्टेशन, बरोग सुरंग के समीप है। इस सुरंग का निर्माण करवाया था कर्नल बरोग ने। कहा जाता है कि यहां एक इंजीनियर ने अन्य कर्मचारियों के सामने अपमानित होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। जब वह सुरंग का निरीक्षण करने जा रहा था, तब उसने खुद को गोली मार ली थी। बाद में उसकी लाश को उसी सुरंग के नजदीक दफ़ना दिया गया था। कहा जाता है की सुरंग के इर्द-गिर्द उसकी मौजूदगी आज भी है।

 

२. बेगुनकोडोर रेलवे स्टेशन , पश्चिम बंगाल

 

 

भुतहा के रूप में कुख्यात बेगुनकोडोर रेलवे स्टेशन पश्चिम बंगाल में है। भूतों का डर इतना है कि इस स्टेशन को पिछले 42 साल से बंद रखा गया है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इस स्टेशन पर जाने वाले व्यक्ति जिन्दा नहीं बचता। वे कहते हैं कि यहां एक भूतनी का वास है, जो सफेद साड़ी पहनती है। हाल ही में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे दोबारा खोलने का फैसला किया है।

 

3. रवींद्र सरोबर मेट्रो स्टेशन , कोलकाता

 

कोलकाता का रवींद्र सरोबर मेट्रो स्टेशन भी भुतहा स्टेशनों में एक है। कहते हैं कि यहां के ट्रैक पर कूद कर आत्महत्या करने वालों की आत्मा यहां विचरती रहती है। लोग मानते हैं कि अगर आपको इस मेट्रो लाइन की किसी आखरी ट्रेन में सफ़र करना पड़ जाए, तो आपको डरावनी और अंजानी आवाज़ें सुनने और देखने को मिल सकती हैं।

 

4. द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन , दिल्ली

 

लोग मानते हैं कि दिल्ली के द्वारका सेक्टर 9 के मेट्रो स्टेशन के आस-पास एक भूतनी का डेरा है। यह सफेद साड़ी पहनती है। कभी-कभी तो यह भूतनी कारों का पीछा भी करती है। उनके दरवाज़े खटखटाती है और बात न सुनने पर थप्पड़ तक मार देती है। देर रात सफ़र करने वाले राहगीरों के लिए यह आफत ही तो है।


 

5. एमजी रोड मेट्रो स्टेशन , गुड़गांव

 

गुड़गांव के एमजी रोड मेट्रो स्टेशन के बारे में कहा जाता है कि यहां एक डरावनी भूतनी रहती है। लोग कहते हैं कि इस स्टेशन पर दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई थी। उसी महिला की आत्मा यहां भटकती रहती है। लेकिन लोगों को डराने का इसका तरीका दूसरी बुरी आत्माओं से अलग है। कहते हैं की यह मेट्रो ट्रेन के शीशे में से अपनी आंखों और जीभ निकाल कर लोगों को डराती है।

 

6. नैनी रेलवे स्टेशन , उत्तर प्रदेश

 

उत्तर प्रदेश के नैनी रेलवे स्टेशन को भूतहा माना जाता है। कहा जाता है कि नैनी जेल के बेहद करीब इस स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानियों की आत्माएं मौजूद हैं, जिनकी मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से जेल में हो गई थीं। हालांकि इनको किसी ने देखा तो नहीं है, पर इनकी उपस्थिति महसूस की जा सकती है।

 

7. चित्तूर रेलवे स्टेशन , आंध्र प्रदेश

 

चित्तूर रेलवे स्टेशन ‘न्याय की तलाश’ में भटकने वाली आत्मा सीआरपीएफ अधिकारी हरि सिंह के लिए कुख्यात है। इस अधिकारी की हत्या 31 अक्टूबर को केरल एक्सप्रेस में ड्यूटी के वक़्त कर दी गई थी। बताया जाता है कि हरि सिंह को पिटाई के बाद गंभीर हालत में चित्तूर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से नीचे धकेल दिया गया था। 10 दिन तक अस्पताल में जूझने के बाद उनकी मौत हो गई थी। कहते हैं कि उनकी आत्मा यहां भटकती है।

 

8. लुधियाना रेलवे स्टेशन

 

लुधियाना रेलवे स्टेशन की अपनी अनोखी कहानी है। आरक्षण केन्द्र के एक कोने में छोटा सा कमरा है, जिसमें कभी कम्प्युटर आरक्षण प्रणाली (सीआरएस) के अधिकारी सुभाष नौकरी करते थे। उनको अपनी नौकरी से बहुत लगाव था। एक दिन इसी छोटे कमरे में सुभाष का देहान्त हो गया। अब लोगों का मानना है कि इस कमरे के आसपास से गुजरने पर सुभाष की आत्मा पीठ पर चिकोटी काटती है। लोग कहते हैं कि सुभाष को अपनी नौकरी से प्रेम था, इसलिए उनकी आत्मा नहीं चाहती कि उनकी कुर्सी पर कोई और बैठे। यही वजह है कि वह बिना छुट्टी लिए रोज काम पर आ जाते हैं। इस कमरे को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है।

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