जन्म से नहीं है दोनों हाथ, बुलंद हौसले के साथ दी 10वीं की परीक्षा

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6:30 pm 16 May, 2016

लोग आपके बारे में क्या सोचते है यह ज़रूरी नहीं, ज़रूरी है आप अपने बारे में क्या सोचते है। कुछ लोग कठिनाइयों से हार मानकर अनचाहा कदम उठा लेते है, तो कुछ उन कठिनाइयों का डटकर सामना करते है।

यहां हम बात कर रहे हैं, भोपाल के दमोह जिले के बम्हौरी गांव की रहने वाली दुर्गा की। दुर्गा के बचपन से ही दोनों हाथ नहीं हैं, लेकिन उसकी दिव्यंगता उसके जूनून को हिला नहीं सकी। दुर्गा ने 10वीं की परीक्षा पैरों से लिखकर दी है।

पढ़ाई को लेकर दुर्गा की ललक का अंदाजा आप इसी से लगा सकते है कि दुर्गा रोजाना 4 किमी पैदल चलकर स्कूल जाती है।


दुर्गा अपने सारे काम खुद करती है। वह किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहती। वह अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाती है।

दुर्गा कहती है: “पास फेल से क्या फर्क पड़ता है जिंदगी में न कभी हारी हूं- न आगे हारूंगी।”

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