गुलज़ार साहब की इन 16 नज़्मों से सच में आपको मोहब्बत हो जाएगी

author image
12:30 am 10 Feb, 2016

दिल की बातों को अल्फ़ाज़ों में उतार पाना आसां नहीं होता। दिल में छुपे जज़्बातों को बयां करने के लिए अल्फ़ाज़ों की ज़रूरत होती है। और इससे भी ज़्यादा किसी के जज़्बातों को महसूस करना, उसे समझ पाने के लिए खुद को उस पल, उस घड़ी में जीना पड़ता है। इसी पैमाने को अगर सच में किसी ने जिया है, तो वह हैं गुलज़ार। एक ऐसे कवि, एक ऐसे शायर जो अपनी बेहतरीन नज़्मों से एक रंगीन समां बांध देते है। तो कभी उनकी नज़्मों में वो दर्द होता है, जो इंसान के दिल को इस कदर छू जाता है कि उसकी आँखों से अश्कों के मोती गिरने लगते हैं। पेश है गुलज़ार साहब की ऐसी ही कुछ नज़्में।

1.

Gulzar Poetry

2.

Gulzar Poetry

3.

Gulzar Poetry

4.

Gulzar Poetry

5.

Gulzar Poetry

6.

Gulzar Poetry

7.

Gulzar Poetry

8.


Gulzar Poetry

9.

Gulzar Poetry

10.

Gulzar Poetry

11.

Gulzar Poetry

12.

Gulzar Poetry

13.

Gulzar Poetry

14.

Gulzar Poetry

15.

Gulzar Poetry

16.

Gulzar Poetry

Discussions



TY News