गुलबर्ग सोसाइटी केस में भाजपा पार्षद सहित 36 बरी, 24 अन्य दोषी करार

author image
4:18 pm 2 Jun, 2016


गुजरात के बहुचर्चित गुलबर्ग सोसायटी मांमले में आज एक विशेष अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के पार्षद सहित 36 लोगों को बेगुनाह बताते हुए बरी कर दिया। वहीं, 24 लोगों को दोषी करार दिया गया है। यह फैसला 14 साल बाद आया है।

वर्ष 2002 में गोधरा कांड के बाद उग्र लोगों की भीड़ ने गुलबर्ग सोसायटी पर हमला कर दिया था। इसमें कांग्रेस पार्टी के पूर्व सांसद अहसान जाफरी सहित 69 लोगों की जानें गईं थीं। इस मामले में कुल 61 लोग आरोपी थे। इन आरोपियों में से नौ लोग जेल के अंदर हैं, जबकि छह फरार हैं। वहीं बाकी जमानत पर जेल के बाहर हैं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अदालत को 31 मई तक फैसला सुनाने का निर्देश दिया था।

बरी किए गए लोगों में भाजपा पार्षद विपिन पटेल सहित, मेघाणीनगर थाना के इंस्पेक्टर रहे एक एर्डा और कांग्रेस पार्षद मेघ सिंह चौधरी के नाम शामिल हैं। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि किसी साजिश के तहत इस घटनाक्रम को अंजाम नहीं दिया गया।

इस मामले में सजा का ऐलान 6 जून को किया जाएगा।

पूर्व कांग्रेस सांसद अहसान जाफरी सहित इतनी बड़ी संख्या में मौतें होने की वजह से यह मामला हाई-प्रोफाइल बन गया था।

timesofoman

timesofoman


गुलबर्ग सोसायटी पर हुए हमले से पहले अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त पीसी पांडे ने सोसायटी पहुंचकर पूर्व सांसद जाफरी से मिले थे। उन्होंने उन्हें और उनके परिजनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की बात कही थी, लेकिन सोसायटी के दूसरे लोग भी जाफरी के घर आकर जमा हो गए।

इस वजह से जाफरी ने उन लोगों को छोड़कर जाने से इन्कार कर दिया।

यह जानकारी पूर्व सांसद की पत्नी जाकिया जाफरी ने कोर्ट में अपने बयान में दी थी। हालांकि, जाकिया ने सुप्रीम कोर्ट में दी गई अपनी अर्जी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई लोगों पर आरोप लगाया था।

वर्ष 2010 में 27 व 28 मार्च को एसआईटी ने मुख्यमंत्री मोदी से लंबी पूछताछ की थी, जिसमें मोदी ने आरोपों को गलत बताया था। मोदी ने कहा था कि 28 फरवरी को एहसान जाफरी ने उन्हें मदद के लिए फोन नहीं किया था।

Popular on the Web

Discussions