40 साल पहले बसती थी यहां जिन्दगी; अब धनुषकोडि बन गया है भुतहा कस्बा

author image
11:33 am 5 Jan, 2016

तमिल नाडु का भुतहा कस्बा धनुषकोडि हमेशा से ऐसा नहीं था। करीब 40 साल पहले यहां जिन्दगी बसती थी। लेकिन वर्ष 1964 में एक दिन एक भयानक समुद्री तूफान की वजह से यहां जिन्दगी का नामोनिशान मिट गया।

इस भयानक आपदा में करीब 1800 लोग मारे गए थे और इस वजह से यह स्थान देश के बाकी हिस्सों से कट सा गया। बाद में इस स्थान को आधिकारिक रूप से भुतहा कस्बा या घोस्ट टाउन का दर्जा दे दिया गया।

चर्च से लेकर पोस्ट ऑफिस और स्कूल के भवन यहां अब भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में मौजूद हैं। और यहां का भुतहा आकर्षण लोगों को अपनी तरफ खींच लेता है।

श्रीलंका से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर


धनुषकोडि का इलाका श्रीलंका से केवल 30 किलोमीटर दूर है। यहां आने पर आपके मोबाइल पर संदेश आ सकता है- श्रीलंका में आपका स्वागत है। अब इससे आप इस स्थान का श्रीलंका से नजदीकी के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं।

1964 से पहले चलती थी यहां ट्रेन

वर्ष 1964 से पहले इस कस्बे तक एक ट्रेन भी जाती थी। यहां पर्यटक ट्रेन से आते थे और स्टीमर के जरिए श्रीलंका तक जाते थे। हालांकि, तूफान के बाद तो जैसे यह इतिहास हो गया।

अब बन रही है सड़क

लंबे अर्से के बाद ही सही, सरकार ने धनुषकोडि तक सड़क बनाने की दिशा में पहल की है। इसके बन जाने के बाद यहां तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

Discussions



TY News