अकेले गफ्फूर हुसैन रोजाना भरते हैं 15 हजार शरणार्थियों का पेट

author image
1:46 pm 23 Dec, 2015

कहते हैं, हिम्मते मर्दा, मददे खुदा। यह कहावत लागू होती है 45 साल उम्र के गफ्फूर हुसैन पर। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट की वजह से पलायन कर रहे 15 हजार से अधिक शरणार्थियों का पेट भरते हैं हुसैन। स्टॉकटोन के रहने वाले गफ्फूर ने अपनी एक डबल डेकर बस को एक फूड वैन में तब्दील कर दिया है। वह कई लोगों की मदद से रोज शरणार्थियों को भोजन मुहैया करवा रहे हैं।


गफ्फूर कहते हैं कि वह अपनी वैन लेकर ऑस्ट्रिया और क्रोएशिया तक गए थे, ताकि शरणार्थियों की मदद की जा सके। वह कहते हैं कि इससे मुझे असीम खुशी मिलती है, जो और कोई काम करने से न मिलती।

वह कहते हैं कि जब मैनें लोगों को जमा देने वाली ठंड में ठंडा खाना खाते देखा तो मुझे लगा कि एक ट्रैवल रसोई शुरू की जा सकती है, जिससे शरणार्थियों को गर्मागर्म खाना मिलेगा।

Discussions



TY News