इस पुलिस अफसर ने वेश बदलकर किडनैपर के चंगुल से बचाया था बच्चा

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8:36 pm 27 Jan, 2016

लखनऊ में 3 साल के मासूम बच्चे मुज़्ज़म्मिल को कुख्यात अपहरणकर्ताओं से छुड़ाने वाले ASP को इस साल गैलेंट्री अवार्ड से नवाज़ा गया। हम बात कर रहे है राम नयन सिंह की।

यह वाकया 10 साल पहले का है, जब राम नयन ने अपनी जांबाजी, सूझभूझ से बच्चे को किडनैपर्स के चंगुल से सुरक्षित बचाया था। इस समय राम नयन सिंह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सिक्युरिटी ऑफिसर के रूप में कार्यरत है।

PSO Ram Nayan Singh

10 साल पहले SO राम नयन सिंह, मुज़्ज़म्मिल को गोद में लिए हुए news18

हुसैनबाद से अपहृत मुज़्ज़म्मिल को ढूंढने के लिए एक ऑपरेशन चलाया गया था, जिसकी कमान राम नयन सिंह ने संभाली थी। इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए राम नयन की टीम ने अपना वेश बदल लिया था।

किडनैपर की तलाश के लिए राम नयन की अगुवाई वाली पुलिस की टीम ने बहुरुपिया बन कर गलियों की खाक छानी और इलाके का चप्पा-चप्पा खंगाल डाला था।

SO Ram Nayan Singh with his team

10 साल पहले राम नयन सिंह इस ऑपरेशन से जुडी अपनी टीम के साथ, साथ में मुज़्ज़म्मिल और उसके पिता dainikbhaskar

मुज़्ज़म्मिल के पिता तनवीर कामिल एक एम्ब्रॉयडरी कारोबारी हैं। अपहरणकर्ताओं ने उनके बेटे को छोड़ने के लिए 10 लाख रुपए की फिरौती की मांग रखी थी। कुख्यात किडनैपर को गिरफ्त में लाने के लिए ASP राम नयन ने एक जाल बिछाया।

तनवीर से कहा गया कि वह पैसे देने के लिए हां कर दे, ताकि अपहर्ताओं को गिरफ्त में लिया जा सके।

Muzzammil with his father

घटना के 10 साल बाद मुज़्ज़म्मिल अपने पिता और बहन के साथ dainikbhaskar

मोबाइल सर्विलांस से किडनैपर्स का पता तो लगा गया था, लेकिन उनकी सटीक लोकेशन का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था। ASP ने इस ऑपरेशन की कमान संभालते हुए अपना वेश बदला और फिर सआदतगंज इलाके में दूध और मूंगफली बेची। इस दौरान किडनैपर्स के सरगना नूरा का सुराग हाथ लगा।


अपने आप को घिरता देख नूरा ने राम नयन पर गोली चला दी और 3 साल के मुज़्ज़म्मिल को लेकर भागने लगा। तभी राम नयन आगे बढ़े और नूरा को मारकर मुजम्मिल को सही-सलामत बचा लिया। पुलिस और किडनैपर्स की हुई इस मुठभेड़ में नूरा के बाकी साथी भी मारे गए।

Noora Kidnapper

10 साल पहले मारा गया कुख्यात किडनैपर नूरा bhaskar

राम नयन को मिले इस सम्मान पर वह कहते हैंः

“मुझे तो गैलेंट्री उसी दिन मिल गई थी, जब हर ईद और दीपावली तनवीर अपने बेटे को मेरे सामने लाकर कहता था कि आप ही हैं जिसकी वजह से आज मेरे घर में ईद हुई है।”    

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