11 मजेदार उपाधियां और इनकी विशेषताएं

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12:16 pm 5 Sep, 2015

हमारे देश में उपनाम या उपाधियों की परम्परा रही है। हम जिन्हें पसन्द करते हैं, उनके लिए कोई न कोई आसान सा खूबसूरत नाम खोज लेते हैं। कभी-कभी तो यह चिढा़ने के लिए भी किया जाता है। यहां हम बात करेंगे उन 11 उपाधियों की, जिनसे विभूषित लोग हमारे आसपास होते हैं।

1. बेवड़ा

यह उपाधि ऐसे व्यक्तियों को दी जाती है, जिनके जिन्दगी का मकसद पीना- और सिर्फ पीना है। यह जमकर दारू पीते हैं और पी लेने के बाद इनका खुद पर नियंत्रण नहीं रह जाता। ऐसे व्यक्ति शराब को कभी ना नहीं कह सकते। वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि अगले जनम में दांत भले एक ही देना, लेकिन लीवर पूरे 32 देना।

2. नेताजी

राजनीति के प्रेमी। यह उपाधि उन सज्जनों के लिए है, जो अपना निर्णय दूसरों पर थोपने में माहिर होते हैं। ऐसे व्यक्ति किसी मंजे हुए नेता सरीखा व्यवहार करते हैं और यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि वह कहीं से भी पक्षपात नहीं करते। नेताजी आमतौर पर गप्प प्रिय होते हैं और चर्चाओं में भाग लेना उनका शगल होता है।

3. पुजारी

इस उपाधि से उन लोगों को विभूषित किया जाता है, जो मानते हैं कि ईश्वर के पास हर मर्ज की दवा है। चाहे परीक्षा में पास करना हो या प्रेम प्रसंग का मसला, ये भगवान के दरबार में पहुंच जाते हैं। ऐसे व्यक्तियों की वजह से ही ज्योतिषियों की दुकानें भी चलती हैं।

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4. छोटू

बड़ा ही प्यारा सा उपनाम है। छोटू कभी बड़ा नहीं होता। इस उपनाम से सम्मानित व्यक्तियों की खासियत है कि ये सभी एज-ग्रुप में पाए जाते हैं। और हर जगह उनके साथ व्यवहार बच्चों सा किया जाता है।

5. कांचा

नेपाल में ‘कांचा’ बच्चों को कहा जाता है। लेकिन हमारे यहां इस उपाधि का आशय मजबूत और मर्दाना होता है। कांचा उपनाम वाले लोग अपने विरोधियों को पल भर में धूल चटा सकते हैं। अंदर से जो हों, लेकिन कम से कम इनके आसपास रहने वाले लोग इनके बारे में यही सोचते हैं।


5. भुक्खड़

“अरे यार कुछ खिलाओ।” ऐसा बोलने वालों को आम तौर पर भुक्खड़ की संज्ञा दी जाती है। इस उपाधि से सम्मानित लोग दिल से खाना पसन्द करते हैं। पेट की परवाह कौन करता है, साहब? खाने के मामले में उनकी ‘ना’ को ‘हां’ समझिए। और हां, भुक्खड़ परिचय के मोहताज नहीं होते। इन्हें जानने वाले लोग शहर के लगभग सभी रेस्टॉरेन्ट्स में मिल जाते हैं।

7. ठरकी

ठरक ऐसी जो कभी कम होने का नाम न ले। ठरकी लोग न तो वक्त देखते हैं और न ही जगह। ये कहीं भी शुरू हो जाते हैं। इन्हें तो बस फ्लर्ट करने का मौका भर चाहिए। इन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता है कि ये सिंगल या शादी-शुदा। यकीन मानिए, ऐसे लोग कैसेनोवा के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं।

8. गोलू

प्यारा सा। गोल-मटोल। छोटू की तरह गोलू भी लगभग सभी एज-ग्रुप की शान होता है। ऐसे लोग आम तौर पर खुश-मिजाज होते हैं और ग्रुप को शिकायत का मौका नहीं देते। यह अलग बात है कि इन्हें अपने ग्रुप के सदस्यों से काफी शिकायत होती है।

9. सड़ू

ये देवदास की अगली पीढ़ी सरीखा व्यवहार करते हैं। सड़ू उपनाम से विभूषित लोग अच्छी चीजों में भी बुराई खोज निकालते हैं। मुंह लटकाकर बैठे रहने वाले इन लोगों को खुश करना अपने-आप में एक असंभव सा काम होता है।

10. बाबा

सर्वज्ञानी। बाबा अक्सर उन लोगों को कहते हैं, जिन्हें लगता है कि वे सब कुछ जानते हैं। भले ही उनकी उम्र कम हो, लेकिन वे व्यवहार सीनियर सिटिजन की तरह करते हैं। जी हां, आपकी हर समस्या का समाधान उनके पास होता है।

11. रोतलू

हमेशा रोता रहने वाला। यह व्यक्ति दुःख में तो रोता ही है, खुशी में भी रोता है। ऐसे लोग ही कहते पाए जाते हैं- ये खुशी के आंसूं हैं।

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