2016 में सौर ऊर्जा का चौथा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा भारत

author image
11:15 am 2 May, 2016


ब्रिटेन, फ्रान्स और जर्मनी को पछाड़ते हुए भारत वर्ष 2016 में दुनिया में चौथा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। ब्रिज टू इन्डिया (BTI) नामक एक रिन्युबल इनर्जी कन्सलटिंग फर्म ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि इस साल भारत करीब 5.4 गिगावाट (GW) सौरऊर्जा उत्पादन की क्षमता हासिल कर लेगा।

इन्डिया सोलर हैन्डबुक नामक इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है और यही वजह है कि सोलर इन्सटॉलेशन की लागत में लगातार कमी आ रही है।

पूरी दुनिया में इस साल 65 GW सौरऊर्जा उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें एशियाई देश आगे होंगे। जहां तक भारत की बात है तो यह देश 5.4 गिगावाट (GW) सौरऊर्जा उत्पादन की क्षमता हासिल कर लेगा, जबकि छत पर 740 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया हैः

“भारत में सौरऊर्जा का तेजी से विकास हो रहा है। करीब 25 GW की परियोजनाएं अपने अलग-अलग चरण में हैं। यह बाजार, तेजी से फैल रहा है।”


इन्डिया सोलर हैन्डबुक के मुताबिक भारत में पिछले दो साल में सौरऊर्जा के उत्पादन की लागत दर में करीब 33 फीसदी की कमी आई है।

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सौरऊर्जा के उत्पादन के मामले में देश के दक्षिणी राज्य आगे चल रहे हैं। जबकि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सरीखे अधिक बिजली की खपत करने वाले राज्यों में स्थिति उदासीन है।

गौरतलब है कि पिछले साल जून महीने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में वर्ष 2022 तक सौरऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य 20 हजार मेगावाट से बढ़ाकर एक लाख मेगावाट कर दिया।

Popular on the Web

Discussions