फ्लाईओवर हादसे पर राजनीति, ममता बनर्जी ने लेफ्ट को जिम्मेदार ठहराया

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8:52 pm 31 Mar, 2016


उत्तर कोलकाता के फ्लाईओवर हादसे के बाद दुर्घटनास्थल से मलबा भी नहीं हटा है कि इस मामले पर राजनीति शुरू हो गई है।

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे के लिए पूर्ववर्ती वाममोर्चा की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि फ्लाईओवर का प्लान लेफ्ट की सरकार ने पास किया था। इसके अलावा ममता ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इन्कार किया है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि हादसे की जांच की जाएगी और उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। गौरतलब है कि इस हादसे के सात घंटे बीत जाने के बाद भी दर्जनों लोग मलबे में फंसे हुए हैं।


वहीं, विपक्ष ने इस दुर्घटना के लिए ममता बनर्जी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता मोहम्मद सलीम ने फ्लाईओवर का काम दिन में किए जाने पर सवाल उठाया है।

केन्द्रीय मंत्री और आसनसोल लोकसभा क्षेत्र से सांसद बाबुल सुप्रियो ने इस हादसे का कारण लापरवाही को बताया है। वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी कुछ इसी तरह के सवाल उठाए हैं।

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छह साल से बन रहा था यह फ्लाईओवर

फ्लाईओवर की दुर्घटना में लापरवाही को बड़ा कारण माना जा रहा है। वर्ष 2009 के 24 फरवरी को इसका निर्माण शुरू किया गया था। 2 किलोमीटर इस फ्लाईओवर को 18 महीने की समयसीमा में बनकर तैयार होना था, लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी इसे अब तक तैयार नहीं किया जा सका था।

जब इस फ्लाईओवर का निर्माण शुरू किया गया था, तब इसका बजट 164 करोड़ रुपए रखा गया था। अब तक करीब 250 करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं, लेकिन इसका काम संपन्न नहीं हो सका है।

विवेकानंद ब्रिज के नाम से प्रचलित इस फ्लाईओवर को हैदराबाद की IVRCL नामक कंपनी बना रही है। बताया गया है कि हादसे का समाचार आने के बाद, कंपनी के हैदराबाद दफ्तर से सभी कर्मचारी फरार हो गए।

IVRCL कंपनी के केपी राव ने पूरे मामले से अपना हाथ झाड़ते हुए इसे ‘एक्ट ऑफ गॉड’ करार दिया। उन्होंने कहा कि फ्लाई ओवर का 45 फीसदी काम बाकी था। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।

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बताया जा रहा है कि ब्रिज का जो हिस्सा ढहा है, उसकी ढलाई बुधवार रात में हुई थी।

वर्ष 2013 में इसी तरह का एक हादसा हुआ था, जब उत्तर कोलकाता के ही उल्टाडांगा इलाके में एक फ्लाईओवर का अधिकांश हिस्सा ढह गया था। उस हादसे में एक ट्रक में सवार तीन लोग घायल हुए थे।

यह फ्लाईओवर सुबह साढ़े चार बजे के करीब में ढहा था, इसलिए एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

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