मिलिए पहली महिला चौकीदार से, पुलिस के काम में भी बंटाती है हाथ

author image
1:20 am 14 Apr, 2016


महिलाओं में जागरूकता और सशक्तीकरण को बल देने के लिए देश में तमाम प्रतिभावान बेटियां निकल कर सामने आ रही हैं। अपने हुनर और इच्छाशक्ति की बदौलत वह हर क्षेत्र में झंडे गाड़ रही हैं। बेटियों ने अपनी सच्ची लगन से इस मिथक को तोड़ा है कि ‘जो पुरुष के दायरे के कार्य हैं, वे महिलाएं नहीं कर सकतीं’।

जब बात गांव की चौकीदारी की हो, तो आपकी राय यह होगी कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से चौकीदारी महिलाओं के लिए असंभव है।

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा कोतवाली की बेटी ज्योति ने इस चुनौती को स्वीकारा है और चौकीदारी कर के गांव के विकास में अपना योगदान दे रही हैं। ज्योति ने एक मिसाल कायम की है। वह पूरे इलाके की पहली महिला चौकीदार हैं।

 

blogspot

blogspot


ज्योति ठाकुरद्वारा के गांव अब्दुल्लापुर लैदा की रहने वाली हैं। उनके पिता किशन सिंह भी पहले चौकीदार थे, लेकिन बीमारी से मौत हो जाने के बाद ज्योति ने पिता के स्थान पर चौकीदार बनने का साहस भरा फैसला लिया। ज्योति ने चौकीदार पद के लिए आवेदन किया। इस पर पुलिस अधिकारियों की संस्तुति पर डीएम ने उन्हें गांव का चौकीदार नियुक्त कर दिया है।

ज्योति ने 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की है। वह गांव में चौकीदारी का काम देखने के साथ कोतवाली में आकर पुलिस के काम में भी मदद करती हैं। महिला पुलिसकर्मी के न होने पर उन्हें कोतवाली बुलाकर पुलिसकर्मी का भी काम लिया जाता है।

ज्योति भविष्य में एक स्टोनो बनना चाहती हैं, जिसके लिए वह तैयारी भी कर रही हैं। वह घर पर काम-काज के साथ अपनी मां चंद्रो देवी का भी ख्याल रखती है।

Popular on the Web

Discussions