रामायण से जुड़े इन 10 तथ्यों के बारे में अधिकतर लोगों को नहीं पता, क्या आप जानते हैं ?

author image
12:07 pm 4 May, 2016


अति प्राचीन महाकाव्यों में एक रामायण की रचना आदि कवि बाल्मीकि द्वारा की गई थी। इस हिन्दू स्मृति के माध्यम से रघुवंश के राजा राम की गाथा कही गई है।

रामायण के लगभग सभी संदर्भ और प्रचलित घटनाओं के बारे में हमें पता है, इसके बावजूद कुछ घटनाएं ऐसी हैं, जिनके बारे में अधिक चर्चा नहीं होती। इसलिए इन संदर्भों के बारे में लोगों को नहीं पता।

1. राम की बहन।

बहुत कम लोगों को पता है कि राम की एक बड़ी बहन भी थीं, जिनका नाम शान्ता था।

2. आखिर रावण को किस तरह मिले 10 सिर।

जैसा कि आपको पता है कि रावण भगवान शिव का भक्त था। उसने भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अपना सिर काटकर अर्पित कर दिया था, लेकिन भगवान की कृपा से उसका सिर पुनः स्थापित हो जाता था। ऐसा 10 बार हुआ और यही वजह है कि रावण के दस सिर थे।

3. रावण नहीं था लंकापति, बल्कि कुबेर की थी लंका।

सोने की लंका का निर्माण दरअसल कुबेर ने अपने लिए किया था, लेकिन उसके सौतेले भाई रावण ने हमला कर उनसे इसे छीन लिया।

4. शेषनाग का अवतार थे लक्ष्मण।

आपको तो यह पता ही होगा कि भगवान राम भगवान विष्णु के अवतार थे, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि लक्ष्मण नागों के राजा शेषनाग के अवतार थे।

5. वनवास के 14 सालों तक लक्ष्मण कभी सोए नहीं।

वनवास के लगातार 14 सालों तक लक्ष्मण कभी नहीं सोए। उन्होंने निद्रा देवी से प्रार्थना की थी कि उन्हें राम और सीता की सेवा करने का मौका दिया जाए।

devbhashnam

devbhashnam


6. बाली ने अगले जन्म में कृष्ण की हत्या की।

भगवान कृष्ण की हत्या करने वाला शिकारी दरअसल पूर्व जन्म में सुग्रीव का भाई बाली था।

7. राम का वचन बना लक्ष्मण की मौत का कारण।

एक बार भगवान राम यम से मिले थे और उस दौरान उन्होंने कहा कि जो कोई भी उनके बातचीत में बाधक बनेगा वह मौत की सजा का अधिकारी होगा। दुर्भाग्य से लक्ष्मण कमरे में आ गए और उन दोनों की बातचीत में बाधक बन गए। बाद में राम के वचन की रक्षा के लिए लक्ष्मण ने अपने प्राण त्याग दिए।

8. हनुमानजी को क्यों कहते हैं बजरंगबली।

एकबार सीता ने हनुमानजी से कहा था कि वह भगवान राम के स्वस्थ जीवन और लंबी उम्र के लिए अपने सिर पर सिन्दूर लगाती हैं। इतना सुनना था कि हनुमानजी ने अपने पूरे शरीर पर सिन्दूर पोत लिया, ताकि भगवान राम सुरक्षित रह सकें। सिन्दूर को बजरंग भी कहते हैं। यही वजह है कि हनुमानजी बजरंगबली कहलाए।

9. गिलहरी को कैसे मिली तीन धारियां।

जब वानरसेना राम सेतु का निर्माण कर रही थी, तब एक गिलहरी भी रेत लाकर उनकी मदद कर रही थी। बंदर उस गिलहरी का मजाक उड़ाने लगे, लेकिन भगवान राम ने उस गिलहरी की प्रशंसा की और उसकी पीठ पर हाथ फेरा। यही वजह है कि बाद गिलहरी के ऊपरी हिस्से पर तीन धारियों के निशान बन गए।

10. सुर्पणखा चाहती थी की रावण की मौत हो जाए।

यह आश्चर्यचकित करने वाली बात हो सकती है, लेकिन सुर्पणखा चाहती थी की रावण की मौत हो जाए। दरअसल, रावण ने उसके पति दुष्टबुद्धि की हत्या कर दी थी, यही वजह है कि सुर्पणखा उसकी हत्या का बदला लेना चाहती थी।

Popular on the Web

Discussions



  • Viral Stories

TY News