OROP की मांग कर रहे पूर्व सैनिक ने जंतर मंतर पर की आत्महत्या, लिखा- वीर जवानों के लिए दे रहा हूं जान

12:32 pm 2 Nov, 2016


वन रैंक वन पेंशन (OROP) की मांग को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे एक रिटायर्ड फौजी राम किशन ग्रेवाल ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। वह अपने अन्य साथियों के साथ जन्तर-मंतर पर OROP की मांग को लेकर धरना दे रहे थे।

हरियाणा के भिवानी के रहने वाले राम किशन वन-रैंक-वन पेंशन पर सरकार के फैसले से नाखुश थे।

तीनों सेनाओं के रिटायर्ड सैनिक सभी को समान पेंशन देने की मांग उठाते रहे हैं। सैनिकों की यह मांग भी रही है कि दूसरे सरकारी कर्मचारियों से वे जल्दी रिटायर हो जाते हैं, इसलिए उनके लिए पेंशन स्कीम अलग रखी जाए।

राम किशन के परिवारवालों के मुताबिक, दोपहर करीबन रामकिशन अपने अन्य साथियों के साथ रक्षामंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने ने जहर खा लिया। इसके बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित  कर दिया गया।

रामकिशन के बेटे के मुताबिक, उनके पिता रामकिशन ने खुद फोन करके बताया कि वह आत्महत्या करने जा रहे हैं, क्योंकि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर पाई है।

राम किशन ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमें उन्होंने वन रैंक-वन पेंशन मुद्दे पर सरकार के फैसले से नाराजगी जताई है। उन्होंने सुसाइड नोट में ये भी लिखा है कि वह देश के अपने बहादुर जवानों  के लिए जान दे रहे हैं।

उन्होंने लिखा :-

“मैं मेरे देश के लिए, मेरी मातृभूमि के लिए और मेरे देश के वीर जवानों के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने जा रहा हूं।”

रिटायर्ड फौजी की आत्महत्या पर विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार को घेर लिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीधे मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है कि मोदी राज में किसान और जवान दोनों आत्महत्या कर रहे हैं। बहुत दुखद, सिपाही सरहद पर बाहरी दुश्मन से लड़ रहे हैं और देश में अपने अधिकारों के लिए, सारे देश को उनके अधिकारों के लिए खड़े हो जाना चाहिए।

पुलिस आगे की तफ्तीश में जुट गई है।  सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।

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