स्वतंत्रता दिवस के दिन देश की खातिर शहीद हुआ ये जवान, शहीद होने से पहले फहराया था तिरंगा

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2:07 pm 16 Aug, 2016


श्रीनगर के नौहट्टा चौक पर आतंकियों के हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के कमांडेंट प्रमोद कुमार के पार्थिव शरीर को झारखंड के जामताड़ा लाया गया है।

43 वर्षीय प्रमोद कुमार पटना जिले के बख्तियारपुर के हकीकतपुर मोहल्ले के रहने वाले थे। परिवार के लोग झारखंड के जामतारा में रहते हैं। वह अपने पीछे पत्नी, पिता और 6 साल की बच्ची को छोड़ गए हैं।

बीते सोमवार नौहट्‌टा में आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया था। इसमें सीआरपीएफ के कमांडेंट प्रमोद कुमार शहीद हो गए और 6 जवान जख्मी हुए। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ के जवानों ने दो आतंकियों को मार गिराया।

प्रमोद कुमार 2011 ले लेकर 2014 तक एसपीजी में रहे थे। 1998 बैच के प्रमोद को एक महीने पहले ही कमांडेंट बनाया गया था।

प्रमोद कुमार के साथियों ने बतायाः

“प्रमोद ऐसे ऑफिसर्स में थे, जो हर सर्च ऑपरेशन में आगे रहने के लिए तैयार रहते थे। प्रमोद सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन के भी इंचार्ज थे।”

स्वतंत्रता दिवस पर प्रमोद कुमार सुबह 8.29 बजे तिरंगा फहरा रहे थे। इसी दौरान एनकाउंटर की खबर आई। वह तुरंत कार्यक्रम खत्म कर एनकाउंटर साइट पर पहुंच गए, लेकिन गाड़ी से उतरते ही वह आतंकियों की गोलियों की चपेट में आ गए। प्रमोद कुमार की गर्दन के ऊपरी हिस्से में गोली लगी थी। उन्हें बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।

स्वतंत्रता दिवस पर परेड को संबोधित करते हुए उनके आखिरी शब्द थे:

“आप सबको विदित है कि आज स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया जा रहा है। हमारी जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। चुनौती आतंकवाद है और पत्थरबाज़ हैं…क्यूं? इनसे डट कर मुकाबला करना है और हम करेंगे। ये आपकी कड़ी मेहनत से संभव है। इसे पूरी लगन से करना होगा।”

उनका पार्थिव शरीर जामताड़ा पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने उन्हें नम आखों से सलामी दी।


आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए कमांडेंट प्रमोद कुमार ने 15 अगस्त को श्रीनगर में तिरंगा फहराया था। यहां देखिए उनके द्वारा किया गया ध्वजारोहण का विडियो।

जवानों ने बंदूक की सलामी देकर शहीद प्रमोद कुमार को अंतिम सलामी दी।

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