मायावती, मुलायम सहित 6 पूर्व मुख्यमंत्रियों को खाली करना होगा बंगला

author image
4:51 pm 1 Aug, 2016

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जिन्दगी भर सरकारी बंगले में नहीं रह सकते।

जस्टिस अनिल आर दवे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की खंडपीठ ने कहा है कि अगर कोई भी ऐसे बंगले में रह रहा है तो उसे दो महीने के भीतर खाली करना होगा। इस खंडपीठ में जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस नागेश्वर राव भी थे।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर मायावती और मुलायम सिंह यादव सहित उत्तर प्रदेश के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों पर पड़ेगा। इन दोनों के अलावा नारायण दत्त तिवारी, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और रामनरेश यादव को सरकारी बंगला मिला हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन सभी को 2 महीने के भीतर सरकारी बंगला खाली करना होगा।


सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला उत्तरप्रदेश के गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी की ओर से दायर याचिका पर आया है। इस याचिका में मांग की गई थी कि पूर्व मुख्यमंत्रियों व अयोग्य संगठनों को आवंटित बंगले वापस ले लिए जाने चााहिएं।

लोक प्रहरी ने आरोप लगाया था कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद उत्तरप्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले आवंटित करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री आवास आवंटन नियम, 1997 (गैर विधायी) बना दिया।

संगठन का आरोप था कि पद छोड़ने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा सरकारी आवास अपने पास रखना कानून के प्रावधानों के खिलाफ है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को ताउम्र बंगला मिलने का प्रावधान सरकार ने किया हुआ था। इसी प्रावधान के तहत मायावती, मुलायम, राजनाथ जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास दो-दो सरकारी आवास थे।

Discussions



TY News