यह है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव, साक्षरता दर है सौ फीसदी

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3:10 pm 12 Dec, 2015

जब हम अपने शहरी इलाकों में प्रदूषण के भयावहता पर चर्चा कर रहे हैं, ऐसे समय में अपने ही देश में एक गांव ऐसा भी है जो न केवल पूरी तरह साफ सुथरा है, बल्कि यहां प्रदूषण का नामोनिशान नहीं है। इसे एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का दर्जा दिया गया है।

एशिया का सबसे स्वच्छ गांव, वह भी भारत में? चौंक गए न? जी हां, मेघालय के मावल्यान्नांग गांव को भारत ही नहीं, एशिया का सबसे साफ-सुथरा गांव माना जाता है। यह गांव सिर्फ स्वच्छ ही नहीं, यहां की साक्षरता दर भी 100 फीसदी है। और खास बात यह है कि इस गांव के अधिकतर लोग अंग्रेजी में बात करना पसन्द करते हैं।

यहां आने वाले लोगों के लिए कई ऐसी जगहें हैं, जहां जाकर वे फख्र महसूस करते हैं। झरने, लिविंग रूट ब्रिज, बैलेन्सिंग रॉक्स सहित यहां कई ऐसे आकर्षण का केन्द्र हैं, जो पर्यटकों को अपनी तरफ लुभाते हैं।

पर्यावरण सुरक्षा की मिसाल


राज्य के खासी हिल्स जिले में स्थित यह गांव पर्यावरण सुरक्षा की मिसाल कायम करता है। यहां प्रत्येक घर के बाहर बांस से बनाए हुए डस्टबिन रखे गए हैं, जहां वे अपने घर से निकलने वाले कूड़े-कचरे को जमा करते हैं। बाद में इन्हें एक जगह इकट्ठा कर खेतों में खाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

रहते हैं 95 परिवार

इस गांव में 95 परिवार रहते हैं। और यह बांग्लादेश की सीमा से सिर्फ 90 किलोमीटर दूर है। सुपारी की खेती यहां आजीविका का मुख्य साधन है। यहां सुपारी के बगीचों को भगवान का गार्डेन भी कहा जाता है।

वर्ष 2003 में इस गांव को एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का मेडल दिया गया। जबकि वर्ष 2005 में भारत सरकार ने भी इसे सबसे स्वच्छ गांव होने का सर्टिफिकेट जारी किया।

इस गांव पर एक डॉक्युमेंट्री भी बनाई गई है।

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