बड़ी खबरः ग्वादर पोर्ट पर पहुंचा चीनी जहाज, बलूच नेताओं ने कहा आखिरी दम तक करेंगे विरोध

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7:16 pm 13 Nov, 2016

दक्षिण एशिया में चल रही तनानती के बीच चीन के सहयोग से विकसित किए गए बलूचिस्तान के ग्वादर पोर्ट को खोल दिया गया है। ग्वादर पोर्ट, चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का हिस्सा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CPEC के जरिए चीनी सामानों की पहली खेप ग्वादर पोर्ट पर पहुंच चुकी हैं। इन्हें जहाज पर लाद कर कर कई देशों में सप्लाई किया जाएगा। इस बीच, CPEC का विरोध कर रहे बलूच नेताओं ने कहा है कि वे मरते दम तक इसका विरोध करते रहेंगे। बलूचिस्तान में स्थित ग्वादर पोर्ट अरब सागर के तट पर स्थित है।

इस पोर्ट के जरिए चीन हिन्द महासागर और अरब सागर में अपनी पैठ जमाना चाहता है, जिसमें उसे पाकिस्तान की मदद हासिल है।

बलूचिस्तान के ग्वादर से चीन के शिनजियांग तक 46 बिलियन डॉलर का इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसका पहला फेज दिसंबर तक पूरा हो जाएगा, वहीं यह पूरी परियोजना 3 साल में पूरी हो जाएगी। इस परियोजना की वजह चीन को हिन्द महासागर तक आने का सीधा रास्ता मिल जाएगा।

पोर्ट खुलने के साथ ही चीन के जहाज पश्चिम एशिया से लेकर अफ्रीका तक बेरोकटोक जा सकेंगे।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, परियोजना के उद्घाटन के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सहित कई सैन्य अधिकारी ग्वादर पहुंच चुके हैं। पीएम शरीफ ने कहा है कि ग्वादर पोर्ट का इस्तेमाल करने वाले विदेशी निवेशकों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी।

बलूच नेता इस परियोजना को अवैध मानते हुए इसका विरोध कर रहे हैं।

बलूच नेता हम्माल बलोच ने कहाः

‘हम हर कीमत पर चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का विरोध करते हैं क्योंकि ये हमारी जिंदगी और मौत का सवाल है। हम कॉरिडोर के खिलाफ हैं।’

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